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बच्चों के नाम

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के अनुसार बच्चों के नाम

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के चारों पाद के नामाक्षर और उनसे शुरू होने वाले 13 नाम, अर्थ सहित।

नियम

परंपरा के अनुसार बच्चे का नाम उस अक्षर से शुरू होता है जो जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र-पाद में था, उसे दिया गया है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के चार पाद और उनके अक्षर हैं: पाद 1 - Bhe (भे); पाद 2 - Bho (भो); पाद 3 - Ja (जा); पाद 4 - Ji (जी)। हर नक्षत्र 13°20′ का होता है और हर पाद 3°20′ का - इसलिए पाद खगोलीय गणना से निकलता है, पर अक्षर परंपरा से आता है, गणना से नहीं।

अपना पाद कैसे जानें

पाद जानने के लिए जन्म का समय और स्थान चाहिए - केवल तारीख़ काफ़ी नहीं, क्योंकि चंद्रमा एक पाद लगभग छह घंटे में पार कर लेता है। मुफ़्त नक्षत्र कैलकुलेटर से अपना नक्षत्र और पाद निकालें, फिर नीचे उसी पाद की सूची देखें। यदि पाद पता न हो, तो चारों सूचियाँ देखी जा सकती हैं - नाम तब भी उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के अनुरूप रहेगा।

पाद 1 - Bhe (भे)

1 नाम

लड़कियाँ

  • Bhervi (भेरवी)प्रातःकालीन राग; दुर्गा का रूप

पाद 2 - Bho (भो)

2 नाम

लड़के

  • Bhoj (भोज)प्रसिद्ध राजा; भोज

लड़कियाँ

  • Bhoomi (भोमि)धरती

पाद 3 - Ja (जा)

6 नाम

लड़के

  • Jay (जय)विजय
  • Jatin (जतिन)तपस्वी
  • Jayant (जयंत)विजयी; इंद्र-पुत्र

लड़कियाँ

  • Janvi (जान्हवी)गंगा
  • Jaya (जया)विजय; दुर्गा का नाम
  • Jagriti (जागृति)जागरण

पाद 4 - Ji (जी)

4 नाम

लड़के

  • Jitesh (जितेश)विजय का स्वामी
  • Jitendra (जितेंद्र)इंद्रियों को जीतने वाला

लड़कियाँ

  • Jiya (जिया)हृदय; जीवन
  • Jigyasa (जिज्ञासा)जानने की इच्छा

अपना नक्षत्र मुफ़्त में जानें

जन्म विवरण भरें और अपना चंद्र नक्षत्र तथा पाद जानें - पारंपरिक नामकरण यहीं से शुरू होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
यह पाद पर निर्भर करता है: पाद 1 - Bhe (भे); पाद 2 - Bho (भो); पाद 3 - Ja (जा); पाद 4 - Ji (जी)।
क्या नामाक्षर का पालन ज़रूरी है?
यह एक परंपरा है, कोई अनिवार्य नियम नहीं। कई परिवार इसे नामकरण संस्कार में निभाते हैं और घर का नाम अलग रखते हैं। यह पूरी तरह परिवार का निर्णय है।
अलग-अलग सूचियों में अक्षर अलग क्यों होते हैं?
कुछ पादों पर परंपराएँ वास्तव में भिन्न हैं - जैसे रोहिणी और मृगशिरा में व और ब, तथा श्रवण में ख और ज। जहाँ ऐसा है, इस पृष्ठ पर दोनों पाठ दिए गए हैं, किसी एक को चुपचाप नहीं चुना गया।

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