रुद्राक्ष
मुखी अनुसार रुद्राक्ष
मुखी का अर्थ है मणके पर बनी प्राकृतिक धारियों की संख्या। पुराणों में हर मुखी को एक देवता और एक मंत्र दिया गया है - यहाँ सभी 21 दिए हैं, स्रोत सहित।
- एकमुखीशिव
- द्विमुखीअर्धनारीश्वर (शिव-शक्ति)
- त्रिमुखीअग्नि
- चतुर्मुखीब्रह्मा
- पंचमुखीकालाग्नि रुद्र
- षण्मुखीकार्तिकेय
- सप्तमुखीसप्तमातृका
- अष्टमुखीगणेश
- नवमुखीदुर्गा
- दशमुखीविष्णु
- एकादशमुखीएकादश रुद्र
- द्वादशमुखीसूर्य (द्वादश आदित्य)
- त्रयोदशमुखीइंद्र / कामदेव
- चतुर्दशमुखीहनुमान
- पंचदशमुखीपशुपति (शिव)
- षोडशमुखीमहामृत्युंजय (शिव)
- सप्तदशमुखीविश्वकर्मा / कात्यायनी
- अष्टादशमुखीभूमि (धरती माता)
- एकोनविंशतिमुखीनारायण (विष्णु)
- विंशतिमुखीब्रह्मा (जनार्दन)
- एकविंशतिमुखीकुबेर
आपका मुखी कौन सा है, मुफ़्त
रुद्राक्ष लग्नेश से तय होता है, राशि से नहीं - इसलिए जन्म समय चाहिए। अपना मुखी, उसके देवता और मंत्र, तथा परंपरा की सावधानियाँ देखें।
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