चंद्र · प्रथम भाव

प्रथम भाव में चंद्र

वैदिक ज्योतिष में प्रथम भाव में चंद्र: आपका चेहरा आपको खोल देता है - जो आप महसूस करते हैं वह आपके बताने का फ़ैसला करने से पहले ही दिख जाता है। स्वयं, शरीर और…

प्रथम भाव में चंद्र का अर्थ

आपका चेहरा आपको खोल देता है - जो आप महसूस करते हैं वह आपके बताने का फ़ैसला करने से पहले ही दिख जाता है।

चंद्र और प्रथम भाव का मेल

चंद्र मन, भावनाएँ, सुख-चैन और सहज-बुद्धि का कारक है। प्रथम भाव स्वयं, शरीर और आप दुनिया से कैसे मिलते हैं पर शासन करता है। यहाँ बैठने पर भावनात्मक संवेदनशीलता इन्हीं जीवन-क्षेत्रों के माध्यम से प्रकट होता है - इसीलिए यह स्थिति अक्सर ऊपर बताए पैटर्न के रूप में सामने आती है।

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यह प्रथम भाव में चंद्र का सामान्य स्वरूप है। यह वास्तव में कैसे फल देगा यह इस पर निर्भर करता है कि चंद्र किस राशि में है, उस पर कौन-सी दृष्टियाँ पड़ रही हैं, और आपकी चल रही दशा क्या है। चंद्र ठीक कहाँ बैठा है - और इस भाव को और क्या आकार दे रहा है - यह देखने के लिए मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ।

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यह देखने के लिए कि आपके ग्रह वास्तव में कहाँ बैठे हैं, मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ - कोई साइन-अप नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रथम भाव में चंद्र शुभ है या अशुभ?
अपने आप में कोई नहीं। प्रथम भाव में चंद्र का सामान्य अर्थ है: आपका चेहरा आपको खोल देता है - जो आप महसूस करते हैं वह आपके बताने का फ़ैसला करने से पहले ही दिख जाता है। यह आपके लिए सहायक होगा या चुनौतीपूर्ण, यह इसकी राशि, उस पर पड़ने वाली दृष्टियों और आपकी वर्तमान दशा पर निर्भर करता है।
वैदिक ज्योतिष में प्रथम भाव क्या दर्शाता है?
प्रथम भाव स्वयं, शरीर और आप दुनिया से कैसे मिलते हैं का कारक है।
चंद्र किसका कारक है?
चंद्र मन, भावनाएँ, सुख-चैन और सहज-बुद्धि का प्रतिनिधित्व करता है।
मैं कैसे जानूँ कि चंद्र मेरे किस भाव में है?
अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान से मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ - यह प्रत्येक ग्रह का भाव दिखाती है, चंद्र सहित।

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