नक्षत्र

मघा नक्षत्र

मघा नक्षत्र - स्वामी केतु, प्रतीक राजसिंहासन, देवता पितर (पूर्वज)। वंश, विरासत और सत्ता; पूर्वजों का सम्मान करती और अपनी छाप छोड़ना चाहती है।

मघा नक्षत्र का अर्थ

वंश, विरासत और सत्ता; पूर्वजों का सम्मान करती और अपनी छाप छोड़ना चाहती है। मघा का स्वामी केतु है, इसके अधिष्ठाता देवता पितर (पूर्वज) हैं, और इसका प्रतीक राजसिंहासन है - ये मिलकर इसका स्वभाव गढ़ते हैं।

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जन्म के समय आपका चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है वही आपका जन्म नक्षत्र है - यह आपकी सहज प्रवृत्तियों को रंग देता है और आपकी विंशोत्तरी दशा का क्रम तय करता है (केतु से आरंभ)। अपने चंद्र नक्षत्र को जानने के लिए मुफ़्त जन्म कुंडली बनाएँ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मघा नक्षत्र क्या है?
मघा वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में से एक है। वंश, विरासत और सत्ता; पूर्वजों का सम्मान करती और अपनी छाप छोड़ना चाहती है।
मघा का स्वामी कौन-सा ग्रह है?
विंशोत्तरी दशा प्रणाली में मघा का स्वामी केतु है।
मघा के प्रतीक और देवता क्या हैं?
इसका प्रतीक राजसिंहासन और अधिष्ठाता देवता पितर (पूर्वज) हैं।

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