नक्षत्र

मृगशिरा नक्षत्र

मृगशिरा नक्षत्र - स्वामी मंगल, प्रतीक हिरण का सिर, देवता सोम। जिज्ञासु, कोमल बेचैनी; हमेशा कुछ ऐसा खोजती रहती है जो पहुँच से थोड़ा परे हो।

मृगशिरा नक्षत्र का अर्थ

जिज्ञासु, कोमल बेचैनी; हमेशा कुछ ऐसा खोजती रहती है जो पहुँच से थोड़ा परे हो। मृगशिरा का स्वामी मंगल है, इसके अधिष्ठाता देवता सोम हैं, और इसका प्रतीक हिरण का सिर है - ये मिलकर इसका स्वभाव गढ़ते हैं।

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जन्म के समय आपका चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है वही आपका जन्म नक्षत्र है - यह आपकी सहज प्रवृत्तियों को रंग देता है और आपकी विंशोत्तरी दशा का क्रम तय करता है (मंगल से आरंभ)। अपने चंद्र नक्षत्र को जानने के लिए मुफ़्त जन्म कुंडली बनाएँ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मृगशिरा नक्षत्र क्या है?
मृगशिरा वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में से एक है। जिज्ञासु, कोमल बेचैनी; हमेशा कुछ ऐसा खोजती रहती है जो पहुँच से थोड़ा परे हो।
मृगशिरा का स्वामी कौन-सा ग्रह है?
विंशोत्तरी दशा प्रणाली में मृगशिरा का स्वामी मंगल है।
मृगशिरा के प्रतीक और देवता क्या हैं?
इसका प्रतीक हिरण का सिर और अधिष्ठाता देवता सोम हैं।

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