ग्रह

वैदिक ज्योतिष में राहु

राहु जुनून, महत्वाकांक्षा और अपरंपरागत का कारक है। आपकी जन्म कुंडली में राहु का क्या अर्थ है - इसका स्वभाव, इसका वरदान, और यह भाव-दर-भाव कैसे फल देता है।

राहु क्या दर्शाता है

राहु जुनून, महत्वाकांक्षा और अपरंपरागत का कारक है। शुभ स्थिति में यह वह भूख जो विकास की ओर धकेलती है देता है। एक स्वाभाविक पाप ग्रह होने के कारण, राहु आपकी कुंडली में जहाँ भी बैठता है इन विषयों को आकार देता है - यह किस भाव और राशि में है, यही तय करता है कि कैसे।

राहु बारह भावों में

राहु जिस भाव में होता है, वहीं इसकी ऊर्जा केंद्रित होती है। प्रत्येक भाव के बारे में और पढ़ने के लिए नीचे भाव चुनें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैदिक ज्योतिष में राहु क्या दर्शाता है?
राहु जुनून, महत्वाकांक्षा और अपरंपरागत का प्रतिनिधित्व करता है।
क्या राहु शुभ ग्रह है या पाप?
राहु को स्वाभाविक रूप से पाप ग्रह माना जाता है, हालाँकि इसका वास्तविक प्रभाव इसके भाव, राशि और दृष्टियों पर निर्भर करता है।
मैं कैसे जानूँ कि मेरी कुंडली में राहु कहाँ है?
अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान से मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ - यह राहु की सटीक राशि, भाव और नक्षत्र दिखाती है।

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