परंपरा क्या कहती है
अन्न और समृद्धि की देवी अन्नपूर्णा को संबोधित गृह-पोषण की पूजा। ग्रंथ इसे अन्नपूर्णा-स्तोत्र और पके अन्न के अर्पण से जोड़ते हैं, जिसे दूसरों के साथ बाँटा जाता है।
किसे संबोधित करती है
- चंद्र
- शुक्र
परंपरागत समय
- अन्नपूर्णा जयंती (मार्गशीर्ष पूर्णिमा) शास्त्रीय वार्षिक पर्व है।
- शुक्रवार और सोमवार पर ज़ोर है।
- रसोई या चूल्हे के आरंभ के लिए अक्षय तृतीया उल्लिखित है।
स्रोत
Annapurna-stotra (Shankara); Kashi-khanda
आम सवाल
- अन्नपूर्णा-पूजा क्या है?
- अन्न और समृद्धि की देवी अन्नपूर्णा को संबोधित गृह-पोषण की पूजा। ग्रंथ इसे अन्नपूर्णा-स्तोत्र और पके अन्न के अर्पण से जोड़ते हैं, जिसे दूसरों के साथ बाँटा जाता है।
- अन्नपूर्णा-पूजा किसे संबोधित करती है?
- परंपरा में यह चंद्र, शुक्र से जुड़ी है।
- अन्नपूर्णा-पूजा कब की जाती है?
- अन्नपूर्णा जयंती (मार्गशीर्ष पूर्णिमा) शास्त्रीय वार्षिक पर्व है। शुक्रवार और सोमवार पर ज़ोर है। रसोई या चूल्हे के आरंभ के लिए अक्षय तृतीया उल्लिखित है।
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