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पूजा

दुर्गा-सप्तशती पाठ

परंपरा में मंगल, केतु से संबद्ध।

परंपरा क्या कहती है

मार्कंडेय पुराण से देवी-माहात्म्य के सात सौ श्लोकों का पाठ, देवी दुर्गा को संबोधित। ग्रंथ इसे लाल पुष्पों के अर्पण और नवावरण-पूजा से जोड़ते हैं। शास्त्रीय शाक्त रक्षा-अनुष्ठान, प्रायः नवरात्रि की नौ रातों में किया जाता है।

किसे संबोधित करती है

  • मंगल
  • केतु

परंपरागत समय

  • शारदीय नवरात्रि (आश्विन शुक्ल 1–9) और चैत्र नवरात्रि शास्त्रीय हैं।
  • नौ दिनों में हर दिन देवी के एक विशेष स्वरूप को समर्पित है।
  • अष्टमी और नवमी समापन के दिन के रूप में महत्वपूर्ण हैं।

स्रोत

Devi-mahatmya (Markandeya Purana ch. 81–93)

आम सवाल

दुर्गा-सप्तशती पाठ क्या है?
मार्कंडेय पुराण से देवी-माहात्म्य के सात सौ श्लोकों का पाठ, देवी दुर्गा को संबोधित। ग्रंथ इसे लाल पुष्पों के अर्पण और नवावरण-पूजा से जोड़ते हैं। शास्त्रीय शाक्त रक्षा-अनुष्ठान, प्रायः नवरात्रि की नौ रातों में किया जाता है।
दुर्गा-सप्तशती पाठ किसे संबोधित करती है?
परंपरा में यह मंगल, केतु से जुड़ी है।
दुर्गा-सप्तशती पाठ कब की जाती है?
शारदीय नवरात्रि (आश्विन शुक्ल 1–9) और चैत्र नवरात्रि शास्त्रीय हैं। नौ दिनों में हर दिन देवी के एक विशेष स्वरूप को समर्पित है। अष्टमी और नवमी समापन के दिन के रूप में महत्वपूर्ण हैं।

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