परंपरा क्या कहती है
तीनों संध्याओं (सूर्योदय, मध्याह्न, सूर्यास्त) पर गायत्री मंत्र (ऋग्वेद 3.62.10) का जाप। शास्त्रीय ब्राह्मण नित्य-साधना; ग्रंथ चालीस दिनों तक 1008 जाप को एक केंद्रित अनुष्ठान बताते हैं।
किसे संबोधित करती है
- सूर्य
परंपरागत समय
- तीनों संध्याएँ (सूर्योदय / मध्याह्न / सूर्यास्त) शास्त्रीय समय हैं।
- नए साधकों के लिए रविवार और गुरुवार पर ज़ोर है।
- गायत्री जयंती (ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा) शास्त्रीय वार्षिक पर्व है।
स्रोत
Rig-veda 3.62.10; Gayatri-rahasya-upanishad
आम सवाल
- गायत्री जाप क्या है?
- तीनों संध्याओं (सूर्योदय, मध्याह्न, सूर्यास्त) पर गायत्री मंत्र (ऋग्वेद 3.62.10) का जाप। शास्त्रीय ब्राह्मण नित्य-साधना; ग्रंथ चालीस दिनों तक 1008 जाप को एक केंद्रित अनुष्ठान बताते हैं।
- गायत्री जाप किसे संबोधित करती है?
- परंपरा में यह सूर्य से जुड़ी है।
- गायत्री जाप कब की जाती है?
- तीनों संध्याएँ (सूर्योदय / मध्याह्न / सूर्यास्त) शास्त्रीय समय हैं। नए साधकों के लिए रविवार और गुरुवार पर ज़ोर है। गायत्री जयंती (ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा) शास्त्रीय वार्षिक पर्व है।
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