परंपरा क्या कहती है
तुलसीदास रचित चालीस चौपाइयाँ, हनुमान को संबोधित। उत्तर भारतीय परंपरा का सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला भक्ति-पाठ; ग्रंथ 108 दिनों के निरंतर पाठ को साढ़े साती और मंगल-दोष के संदर्भों से जोड़ते हैं। इसे शास्त्रीय जन-उपाय माना जाता है।
किसे संबोधित करती है
- मंगल
- शनि
- मंगल दोष
- साढ़े साती
परंपरागत समय
- मंगलवार और शनिवार पर ज़ोर है।
- हनुमान जयंती (चैत्र शुक्ल पूर्णिमा) शास्त्रीय वार्षिक पर्व है।
- सात बार के दैनिक पाठ के लिए सूर्यास्त परंपरागत समय है।
स्रोत
Hanuman-chalisa (Tulsidas)
आम सवाल
- हनुमान-चालीसा पाठ क्या है?
- तुलसीदास रचित चालीस चौपाइयाँ, हनुमान को संबोधित। उत्तर भारतीय परंपरा का सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला भक्ति-पाठ; ग्रंथ 108 दिनों के निरंतर पाठ को साढ़े साती और मंगल-दोष के संदर्भों से जोड़ते हैं। इसे शास्त्रीय जन-उपाय माना जाता है।
- हनुमान-चालीसा पाठ किसे संबोधित करती है?
- परंपरा में यह मंगल, शनि, मंगल दोष, साढ़े साती से जुड़ी है।
- हनुमान-चालीसा पाठ कब की जाती है?
- मंगलवार और शनिवार पर ज़ोर है। हनुमान जयंती (चैत्र शुक्ल पूर्णिमा) शास्त्रीय वार्षिक पर्व है। सात बार के दैनिक पाठ के लिए सूर्यास्त परंपरागत समय है।
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