परंपरा क्या कहती है
हनुमान के कार्य-सिद्धि स्वरूप को संबोधित विघ्न-निवारण और कार्य-सिद्धि की पूजा। ग्रंथ इसे हनुमान बाहुक तथा सिंदूर और चमेली तेल के अर्पण से जोड़ते हैं।
किसे संबोधित करती है
- मंगल
- शनि
- साढ़े साती
परंपरागत समय
- मंगलवार और शनिवार पर ज़ोर है।
- प्रायः शुक्ल पक्ष के मंगलवार से आरंभ किया जाता है।
- सूर्यास्त परंपरागत पाठ-समय है।
स्रोत
Hanuman-bahuk (Tulsidas); Sankatmochan-tradition
आम सवाल
- कार्य-सिद्धि हनुमान पूजा क्या है?
- हनुमान के कार्य-सिद्धि स्वरूप को संबोधित विघ्न-निवारण और कार्य-सिद्धि की पूजा। ग्रंथ इसे हनुमान बाहुक तथा सिंदूर और चमेली तेल के अर्पण से जोड़ते हैं।
- कार्य-सिद्धि हनुमान पूजा किसे संबोधित करती है?
- परंपरा में यह मंगल, शनि, साढ़े साती से जुड़ी है।
- कार्य-सिद्धि हनुमान पूजा कब की जाती है?
- मंगलवार और शनिवार पर ज़ोर है। प्रायः शुक्ल पक्ष के मंगलवार से आरंभ किया जाता है। सूर्यास्त परंपरागत पाठ-समय है।
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