परंपरा क्या कहती है
मंगल-शांति का अनुष्ठान, विशेष रूप से मंगल दोष (लग्न या चंद्र से 1/4/7/8/12 में मंगल) के लिए बताया गया। ग्रंथ इसे मंगलवार को हनुमान या सुब्रह्मण्य को अर्पण और मंगल-स्तोत्र के पाठ से जोड़ते हैं।
किसे संबोधित करती है
- मंगल
- मंगल दोष
परंपरागत समय
- मंगलवार शास्त्रीय दिन है; मंगल दोष वालों के लिए विवाह-पूर्व समय परंपरागत है।
- मृगशिरा-चित्रा-धनिष्ठा नक्षत्रों पर ज़ोर है।
- प्रायः हनुमान-चालीसा के पाठ के साथ किया जाता है।
स्रोत
BPHS ch. 88; Muhurta-chintamani
आम सवाल
- मंगल-शांति क्या है?
- मंगल-शांति का अनुष्ठान, विशेष रूप से मंगल दोष (लग्न या चंद्र से 1/4/7/8/12 में मंगल) के लिए बताया गया। ग्रंथ इसे मंगलवार को हनुमान या सुब्रह्मण्य को अर्पण और मंगल-स्तोत्र के पाठ से जोड़ते हैं।
- मंगल-शांति किसे संबोधित करती है?
- परंपरा में यह मंगल, मंगल दोष से जुड़ी है।
- मंगल-शांति कब की जाती है?
- मंगलवार शास्त्रीय दिन है; मंगल दोष वालों के लिए विवाह-पूर्व समय परंपरागत है। मृगशिरा-चित्रा-धनिष्ठा नक्षत्रों पर ज़ोर है। प्रायः हनुमान-चालीसा के पाठ के साथ किया जाता है।
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