नि:शुल्क खाता बनाएँ

अपनी कुंडली सहेजें, आगे के प्रश्न पूछें, और जहाँ छोड़ा था वहीं से जारी रखें।

कोई पासवर्ड नहीं। हम केवल आपके खाते के बारे में ईमेल करते हैं।

पूजा

शनि-शांति

परंपरा में शनि, साढ़े साती से संबद्ध।

परंपरा क्या कहती है

शनि-शांति का अनुष्ठान। ग्रंथ इसे शनिवार संध्या को शनि-मंदिर में तिल-तेल और काले तिल के अर्पण तथा शनि-स्तोत्र के पाठ से जोड़ते हैं। साढ़े साती और शनि ढैया के कालों का शास्त्रीय अनुष्ठान।

किसे संबोधित करती है

  • शनि
  • साढ़े साती

परंपरागत समय

  • शनिवार संध्या शास्त्रीय समय है।
  • शनि-अमावस्या (शनिवार + अमावस्या) विशेष महत्वपूर्ण मानी जाती है।
  • पुष्य-अनुराधा-उत्तर भाद्रपद नक्षत्र परंपरा में उल्लिखित हैं।

स्रोत

BPHS ch. 88; Shani-stotra (Brahma Purana)

आम सवाल

शनि-शांति क्या है?
शनि-शांति का अनुष्ठान। ग्रंथ इसे शनिवार संध्या को शनि-मंदिर में तिल-तेल और काले तिल के अर्पण तथा शनि-स्तोत्र के पाठ से जोड़ते हैं। साढ़े साती और शनि ढैया के कालों का शास्त्रीय अनुष्ठान।
शनि-शांति किसे संबोधित करती है?
परंपरा में यह शनि, साढ़े साती से जुड़ी है।
शनि-शांति कब की जाती है?
शनिवार संध्या शास्त्रीय समय है। शनि-अमावस्या (शनिवार + अमावस्या) विशेष महत्वपूर्ण मानी जाती है। पुष्य-अनुराधा-उत्तर भाद्रपद नक्षत्र परंपरा में उल्लिखित हैं।

आपकी कुंडली के लिए कौन सी पूजा, मुफ़्त

आपकी कुंडली के सक्रिय दोषों, फिर दशा स्वामी, फिर लग्नेश के अनुसार क्रम - हर एक के साथ कारण और स्रोत।

मेरी कुंडली के लिए क्रम देखें

Astroniq AI ज्योतिषी

अपनी कुंडली के बारे में पूछें, सरल शब्दों में

ऐसे पृष्ठ सामान्य नियम बताते हैं। आपकी कुंडली विशिष्ट है। Astroniq आपकी वास्तविक वैदिक कुंडली की गणना करता है - ग्रह स्थिति, दशाएँ, योग - और उसका AI ज्योतिषी चैट में आपके प्रश्नों के उत्तर देता है, एक परामर्श की तरह। पहली रीडिंग निःशुल्क, बिना साइनअप।

पूछ कर देखें: