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पूजा

त्रिपुर-सुंदरी अर्चना / श्री-विद्या उपासना

परंपरा में शुक्र, बुध से संबद्ध।

परंपरा क्या कहती है

श्री-यंत्र और ललिता-सहस्रनाम पर केंद्रित शाक्त उपासना। ग्रंथ इसे एक बार का उपाय नहीं, दीर्घकालिक साधना बताते हैं; आधुनिक प्रचलन इसे मासिक शुक्रवार अनुष्ठान और ललिता-त्रिशती के पाठ से जोड़ता है।

किसे संबोधित करती है

  • शुक्र
  • बुध

परंपरागत समय

  • शुक्रवार शास्त्रीय दिन है।
  • नवरात्रि (चैत्र और शारदीय दोनों) शास्त्रीय वार्षिक अवधि हैं।
  • पूर्ण उपासना के लिए परंपरा दीक्षा की अपेक्षा रखती है।

स्रोत

Lalita-sahasranama (Brahmanda Purana); Saundarya-lahari (Shankara)

आम सवाल

त्रिपुर-सुंदरी अर्चना / श्री-विद्या उपासना क्या है?
श्री-यंत्र और ललिता-सहस्रनाम पर केंद्रित शाक्त उपासना। ग्रंथ इसे एक बार का उपाय नहीं, दीर्घकालिक साधना बताते हैं; आधुनिक प्रचलन इसे मासिक शुक्रवार अनुष्ठान और ललिता-त्रिशती के पाठ से जोड़ता है।
त्रिपुर-सुंदरी अर्चना / श्री-विद्या उपासना किसे संबोधित करती है?
परंपरा में यह शुक्र, बुध से जुड़ी है।
त्रिपुर-सुंदरी अर्चना / श्री-विद्या उपासना कब की जाती है?
शुक्रवार शास्त्रीय दिन है। नवरात्रि (चैत्र और शारदीय दोनों) शास्त्रीय वार्षिक अवधि हैं। पूर्ण उपासना के लिए परंपरा दीक्षा की अपेक्षा रखती है।

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