परंपरा क्या कहती है
द्विमुखी अर्धनारीश्वर - एकीकृत शिव-शक्ति तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। ग्रंथ इसे संबंधों की सौम्यता और साझेदारी से जोड़ते हैं; दंपतियों को प्रायः सुझाया जाता है।
मंत्र
Om Namah
सावधानियाँ
- दंपति-केंद्रित साधना के लिए ग्रंथ दोनों साथियों द्वारा एक-एक धारण करने पर ज़ोर देते हैं।
स्रोत
Padma Purana; Shiva Purana
आम सवाल
- द्विमुखी रुद्राक्ष क्या है?
- द्विमुखी अर्धनारीश्वर - एकीकृत शिव-शक्ति तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। ग्रंथ इसे संबंधों की सौम्यता और साझेदारी से जोड़ते हैं; दंपतियों को प्रायः सुझाया जाता है।
- 2 मुखी किस देवता और ग्रह का है?
- परंपरा इसे अर्धनारीश्वर (शिव-शक्ति) को सौंपती है, और संबंधित ग्रह चंद्र बताया गया है। इसका मंत्र Om Namah है।
- द्विमुखी के लिए क्या सावधानियाँ हैं?
- दंपति-केंद्रित साधना के लिए ग्रंथ दोनों साथियों द्वारा एक-एक धारण करने पर ज़ोर देते हैं।
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रुद्राक्ष लग्नेश से तय होता है, राशि से नहीं - इसलिए जन्म समय चाहिए। अपना मुखी, उसके देवता और मंत्र, तथा परंपरा की सावधानियाँ देखें।
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