सप्तम भाव में सूर्य का अर्थ
आप अक्सर किसी साथी के ज़रिए खुद को पाते हैं - और जब कोई मज़बूत रिश्ता नहीं होता तो खुद को अजीब-सा अधूरा महसूस करते हैं।
सूर्य और सप्तम भाव का मेल
सूर्य पहचान, ओज, अहंकार और सत्ता का कारक है। सप्तम भाव विवाह, साझेदारी और आमने-सामने के संबंध पर शासन करता है। यहाँ बैठने पर स्थिर और स्पष्ट आत्म-बोध इन्हीं जीवन-क्षेत्रों के माध्यम से प्रकट होता है - इसीलिए यह स्थिति अक्सर ऊपर बताए पैटर्न के रूप में सामने आती है।
अपनी कुंडली में देखें
यह सप्तम भाव में सूर्य का सामान्य स्वरूप है। यह वास्तव में कैसे फल देगा यह इस पर निर्भर करता है कि सूर्य किस राशि में है, उस पर कौन-सी दृष्टियाँ पड़ रही हैं, और आपकी चल रही दशा क्या है। सूर्य ठीक कहाँ बैठा है - और इस भाव को और क्या आकार दे रहा है - यह देखने के लिए मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ।
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यह देखने के लिए कि आपके ग्रह वास्तव में कहाँ बैठे हैं, मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ - कोई साइन-अप नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सप्तम भाव में सूर्य शुभ है या अशुभ?
- अपने आप में कोई नहीं। सप्तम भाव में सूर्य का सामान्य अर्थ है: आप अक्सर किसी साथी के ज़रिए खुद को पाते हैं - और जब कोई मज़बूत रिश्ता नहीं होता तो खुद को अजीब-सा अधूरा महसूस करते हैं। यह आपके लिए सहायक होगा या चुनौतीपूर्ण, यह इसकी राशि, उस पर पड़ने वाली दृष्टियों और आपकी वर्तमान दशा पर निर्भर करता है।
- वैदिक ज्योतिष में सप्तम भाव क्या दर्शाता है?
- सप्तम भाव विवाह, साझेदारी और आमने-सामने के संबंध का कारक है।
- सूर्य किसका कारक है?
- सूर्य पहचान, ओज, अहंकार और सत्ता का प्रतिनिधित्व करता है।
- मैं कैसे जानूँ कि सूर्य मेरे किस भाव में है?
- अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान से मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ - यह प्रत्येक ग्रह का भाव दिखाती है, सूर्य सहित।