सूर्य · नवम भाव

नवम भाव में सूर्य

वैदिक ज्योतिष में नवम भाव में सूर्य: आपको खुद से बड़ी किसी चीज़ में विश्वास चाहिए, वरना सफलता भी अजीब तरह से खोखली लगने लगती है। भाग्य, आस्था, उच्च शिक्षा और…

नवम भाव में सूर्य का अर्थ

आपको खुद से बड़ी किसी चीज़ में विश्वास चाहिए, वरना सफलता भी अजीब तरह से खोखली लगने लगती है।

सूर्य और नवम भाव का मेल

सूर्य पहचान, ओज, अहंकार और सत्ता का कारक है। नवम भाव भाग्य, आस्था, उच्च शिक्षा और लंबी यात्रा पर शासन करता है। यहाँ बैठने पर स्थिर और स्पष्ट आत्म-बोध इन्हीं जीवन-क्षेत्रों के माध्यम से प्रकट होता है - इसीलिए यह स्थिति अक्सर ऊपर बताए पैटर्न के रूप में सामने आती है।

अपनी कुंडली में देखें

यह नवम भाव में सूर्य का सामान्य स्वरूप है। यह वास्तव में कैसे फल देगा यह इस पर निर्भर करता है कि सूर्य किस राशि में है, उस पर कौन-सी दृष्टियाँ पड़ रही हैं, और आपकी चल रही दशा क्या है। सूर्य ठीक कहाँ बैठा है - और इस भाव को और क्या आकार दे रहा है - यह देखने के लिए मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ।

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यह देखने के लिए कि आपके ग्रह वास्तव में कहाँ बैठे हैं, मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ - कोई साइन-अप नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवम भाव में सूर्य शुभ है या अशुभ?
अपने आप में कोई नहीं। नवम भाव में सूर्य का सामान्य अर्थ है: आपको खुद से बड़ी किसी चीज़ में विश्वास चाहिए, वरना सफलता भी अजीब तरह से खोखली लगने लगती है। यह आपके लिए सहायक होगा या चुनौतीपूर्ण, यह इसकी राशि, उस पर पड़ने वाली दृष्टियों और आपकी वर्तमान दशा पर निर्भर करता है।
वैदिक ज्योतिष में नवम भाव क्या दर्शाता है?
नवम भाव भाग्य, आस्था, उच्च शिक्षा और लंबी यात्रा का कारक है।
सूर्य किसका कारक है?
सूर्य पहचान, ओज, अहंकार और सत्ता का प्रतिनिधित्व करता है।
मैं कैसे जानूँ कि सूर्य मेरे किस भाव में है?
अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान से मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ - यह प्रत्येक ग्रह का भाव दिखाती है, सूर्य सहित।

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