इस यात्रा के बारे में
काल सर्प पूजा या नारायण नागबलि के लिए त्र्यंबकेश्वर, फिर शनि के लिए शनि शिंगणापुर, और चाहें तो अमळनेर का मंगल मंदिर। त्र्यंबकेश्वर और शिंगणापुर के लिए दो दिन पर्याप्त हैं; नारायण नागबलि स्वयं तीन दिन का अनुष्ठान है, इसलिए उसे शामिल करने पर यात्रा लंबी होती है।
पड़ाव, सामान्य क्रम में
क्रम सामान्य है, अनिवार्य नहीं।
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- 2शनि शिंगणापुर (शनि)
त्र्यंबकेश्वर से लगभग 170–175 किमी
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रास्ते की जानकारी
- शनि शिंगणापुर सड़क से त्र्यंबकेश्वर से लगभग 170–175 किमी है।
- शिंगणापुर शिरडी से भी लगभग 70 किमी है, और कई यात्राएँ दोनों को साथ जोड़ती हैं।
आम सवाल
- महाराष्ट्र ग्रह-दोष यात्रा में कितने दिन लगते हैं?
- सामान्यतः 2 से 5 दिन, नासिक को आधार बनाकर।
- महाराष्ट्र ग्रह-दोष यात्रा के पड़ाव कौन से हैं?
- सामान्य क्रम: त्र्यंबकेश्वर (काल सर्प, नारायण नागबलि) → शनि शिंगणापुर (शनि)। क्रम सामान्य है, अनिवार्य नहीं।
- महाराष्ट्र ग्रह-दोष यात्रा किसके लिए की जाती है?
- परंपरा में शनि, मंगल, काल सर्प दोष, पितृ दोष और साढ़े साती के लिए।
तथ्य 1 नवंबर 2026 को मंदिर ट्रस्ट, राज्य बंदोबस्ती विभाग और पर्यटन विभाग के पन्नों से जाँचे गए।
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