चौघड़िया क्या है
चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को आठ भागों में और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात को आठ भागों में बाँटता है। हर भाग सात नामों में से एक रखता है - अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, काल, रोग और उद्वेग अशुभ, और चर सामान्य। पहला कौन-सा पड़ेगा यह वार तय करता है, इसलिए पूरा चार्ट हर दिन बदल जाता है।
पर क्या आज का दिन आपके लिए शुभ है?
राहु काल बताता है कि कब सावधान रहना है। आपकी जन्म कुंडली बताती है कि आज की ग्रह-स्थिति आप पर कैसे असर करती है।
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दिन का चौघड़िया (गुरुवार)
सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ चौघड़िया।
| चौघड़िया | समय | परंपरा |
|---|---|---|
| शुभ | ६:४१ पूर्वाह्न–८:०२ पूर्वाह्न | शुभ |
| रोग | ८:०२ पूर्वाह्न–९:२३ पूर्वाह्न | बचें |
| उद्वेग | ९:२३ पूर्वाह्न–१०:४४ पूर्वाह्न | बचें |
| उद्वेग | १०:४४ पूर्वाह्न–१२:०५ अपराह्न | बचें |
| चर | १२:०५ अपराह्न–१:२६ अपराह्न | सामान्य |
| लाभ | १:२६ अपराह्न–२:४७ अपराह्न | शुभ |
| अमृत | २:४७ अपराह्न–४:०८ अपराह्न | शुभ |
| काल | ४:०८ अपराह्न–५:२९ अपराह्न | बचें |
रात का चौघड़िया
सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक आठ और।
| चौघड़िया | समय | परंपरा |
|---|---|---|
| लाभ | ५:२९ अपराह्न–७:०८ अपराह्न | शुभ |
| अमृत | ७:०८ अपराह्न–८:४७ अपराह्न | शुभ |
| काल | ८:४७ अपराह्न–१०:२६ अपराह्न | बचें |
| शुभ | १०:२६ अपराह्न–१२:०६ पूर्वाह्न | शुभ |
| रोग | १२:०६ पूर्वाह्न–१:४५ पूर्वाह्न | बचें |
| उद्वेग | १:४५ पूर्वाह्न–३:२४ पूर्वाह्न | बचें |
| उद्वेग | ३:२४ पूर्वाह्न–५:०३ पूर्वाह्न | बचें |
| चर | ५:०३ पूर्वाह्न–६:४२ पूर्वाह्न | सामान्य |
चार्ट कैसे पढ़ें
अमृत सबसे शुभ माना जाता है, उसके बाद शुभ और लाभ। काल, रोग और उद्वेग वे हैं जिनमें परंपरा नया कार्य शुरू करने से बचती है; चर बीच का है और यात्रा तथा छोटे कामों के लिए ठीक रहता है। ये समय नई दिल्ली, भारत (IST) के सूर्योदय से निकाले गए हैं - स्थान बदलने पर बदल जाते हैं।
जिस काम को सहज रखना हो उसके लिए अमृत, शुभ या लाभ चुनें; काल, रोग या उद्वेग में कोई नया काम शुरू करने से बचें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- नया कार्य शुरू करने के लिए कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?
- अमृत सबसे शुभ माना जाता है, फिर शुभ और लाभ। इस दिन दिन के शुभ चौघड़िया हैं: शुभ (६:४१ पूर्वाह्न–८:०२ पूर्वाह्न), लाभ (१:२६ अपराह्न–२:४७ अपराह्न), अमृत (२:४७ अपराह्न–४:०८ अपराह्न)।
- चौघड़िया हर दिन क्यों बदलता है?
- दो कारण। ये खंड दिन के उजाले के आठवें भाग होते हैं, इसलिए ऋतु के साथ छोटे-बड़े होते हैं; और नामों का क्रम हर वार को अलग जगह से शुरू होता है, इसलिए वही घड़ी का समय कल दूसरा चौघड़िया रखेगा।
- क्या ये समय मेरे शहर के लिए सही हैं?
- ये नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए हैं। हर खंड स्थानीय दिन के उजाले का भाग है, इसलिए आपके अक्षांश-देशांतर के अनुसार बदलेगा - उत्तर भारत से बाहर अक्सर काफ़ी अधिक।
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