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मुहूर्त २०२६

वाहन खरीद मुहूर्त २०२६

२०२६ में वाहन खरीदने के लिए २५ शुभ तिथियाँ - नक्षत्र, तिथि, वार, योग और करण के आधार पर छाँटी गईं। हर तिथि का पंचांग साथ में।

वाहन खरीद के लिए तिथि कैसे चुनी जाती है

कोई तिथि इस सूची में तभी आती है जब वह एक साथ सभी दिन-स्तरीय नियमों पर खरी उतरे - नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती। तिथि: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा। वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, रविवार। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) वर्जित। रिक्ता तिथियाँ, अमावस्या, भद्रा (विष्टि करण) और अशुभ योग सभी सूचियों से हटा दिए गए हैं। २०२६ के २२८ उपलब्ध दिनों में से २५ तिथियाँ इस छानबीन में बचती हैं।

मास के अनुसार तिथियाँ

मई २०२६: १८, ३१। जून २०२६: ११, १७, २५। जुलाई २०२६: ५, १२, २०, २४, ३१। अगस्त २०२६: ९, १७, १९। सितंबर २०२६: १३, १४, २४, २८। अक्टूबर २०२६: १, ५, २६, ३०। नवंबर २०२६: १, २६। दिसंबर २०२६: ४, ६।

उपलब्ध अवधि के बारे में

२०२६ के लिए हमारा पंचांग १८ मई २०२६ से आरंभ होता है, इसलिए यह पृष्ठ उसी तिथि से आगे की तिथियाँ दिखाता है। इससे पहले की तिथियाँ यहाँ नहीं हैं - बीत चुके वर्ष के लिए वे वैसे भी अतीत की हैं, फिर भी यह स्पष्ट कह देना उचित है।

यह पृष्ठ क्या नहीं है

यहाँ दी गई तिथियाँ शुभ दिन हैं, पूर्ण मुहूर्त नहीं। मुहूर्त एक स्थान पर समय की एक खिड़की होती है - उसमें उस क्षण उदय होने वाला लग्न देखा जाता है, और कई बार संबंधित व्यक्ति की कुंडली भी। यह पृष्ठ वर्ष की हर तिथि पर दिन-स्तर के नियम (नक्षत्र, तिथि, वार, योग, करण तथा खरमास और चातुर्मास) लगाकर बताता है कि कौन-सी तिथियाँ बचती हैं और क्यों। वास्तविक समय निश्चित करने के लिए पंडित जी से परामर्श करें। पंचांग नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए गणना किया गया है और आपके स्थान के अनुसार बदलता है।

मई २०२६

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
१८सोमवारद्वितीया (शुक्ल)रोहिणी05:28
३१रविवारपूर्णिमा (शुक्ल)अनुराधा05:24

जून २०२६

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
११गुरुवारएकादशी (कृष्ण)रेवती05:22
१७बुधवारतृतीया (शुक्ल)पुनर्वसु05:23
२५गुरुवारएकादशी (शुक्ल)स्वाति05:24

जुलाई २०२६

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
रविवारपंचमी (कृष्ण)शतभिषा05:28
१२रविवारत्रयोदशी (कृष्ण)रोहिणी05:31
२०सोमवारसप्तमी (शुक्ल)हस्त05:35
२४शुक्रवारदशमी (शुक्ल)अनुराधा05:38
३१शुक्रवारद्वितीया (कृष्ण)धनिष्ठा05:42

अगस्त २०२६

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
रविवारएकादशी (कृष्ण)मृगशिरा05:47
१७सोमवारपंचमी (शुक्ल)चित्रा05:51
१९बुधवारसप्तमी (शुक्ल)स्वाति05:52

सितंबर २०२६

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
१३रविवारद्वितीया (शुक्ल)हस्त06:05पूरा पंचांग
१४सोमवारतृतीया (शुक्ल)चित्रा06:05पूरा पंचांग
२४गुरुवारत्रयोदशी (शुक्ल)धनिष्ठा06:10पूरा पंचांग
२८सोमवारद्वितीया (कृष्ण)रेवती06:12पूरा पंचांग

अक्टूबर २०२६

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
गुरुवारपंचमी (कृष्ण)रोहिणी06:14पूरा पंचांग
सोमवारदशमी (कृष्ण)पुष्य06:16पूरा पंचांग
२६सोमवारपूर्णिमा (शुक्ल)अश्विनी06:28पूरा पंचांग
३०शुक्रवारपंचमी (कृष्ण)मृगशिरा06:31पूरा पंचांग

नवंबर २०२६

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
रविवारसप्तमी (कृष्ण)पुष्य06:32पूरा पंचांग
२६गुरुवारद्वितीया (कृष्ण)मृगशिरा06:52

दिसंबर २०२६

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
शुक्रवारएकादशी (कृष्ण)हस्त06:58
रविवारत्रयोदशी (कृष्ण)स्वाति06:59

इस दिन को अपनी कुंडली से पढ़ें, मुफ़्त

इस पृष्ठ के समय सबके लिए एक जैसे हैं। एक बार अपना जन्म विवरण दें और यही दिन अपनी कुंडली के अनुसार पढ़ें - कोई साइन-अप नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

२०२६ में वाहन खरीद के लिए कितनी शुभ तिथियाँ हैं?
२५ तिथियाँ दिन-स्तरीय नियमों पर खरी उतरती हैं। पहली १८ मई २०२६ और अंतिम ६ दिसंबर २०२६ है।
क्या इस सूची से सीधे तिथि तय की जा सकती है?
नहीं। मुहूर्त दिन नहीं, समय की खिड़की होता है - चुने गए समय पर उदय होने वाला लग्न मायने रखता है, और कई संस्कारों में संबंधित व्यक्ति की कुंडली भी। यह सूची वर्ष को उन दिनों तक सीमित कर देती है जो पात्र हैं, और उसके बाद पंडित जी समय निश्चित करते हैं।
कहीं और देखी गई तिथि इस सूची में क्यों नहीं है?
प्रायः इसलिए कि नियम अलग हैं। कुछ पंचांग ऐसे वार या नक्षत्र स्वीकार करते हैं जिन्हें हम छोड़ते हैं, कुछ क्षेत्रीय नियम लगाते हैं, और कुछ ऐसी तिथि भी देते हैं जिस दिन उपयुक्त नक्षत्र केवल कुछ घंटे रहता है। हमने कौन-से नियम लगाए हैं यह ऊपर स्पष्ट लिखा है।
क्या ये तिथियाँ मेरे शहर के लिए भी सही हैं?
यहाँ का पंचांग नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए गणना किया गया है। तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, सूर्यास्त और अंग बदलने का सटीक समय देशांतर के साथ बदलता है - इसलिए किसी सीमावर्ती तिथि पर निर्णय से पहले अपने शहर के लिए पंचांग देख लें।

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ऐसे पृष्ठ सामान्य नियम बताते हैं। आपकी कुंडली विशिष्ट है। Astroniq आपकी वास्तविक वैदिक कुंडली की गणना करता है - ग्रह स्थिति, दशाएँ, योग - और उसका AI ज्योतिषी चैट में आपके प्रश्नों के उत्तर देता है, एक परामर्श की तरह। पहली रीडिंग निःशुल्क, बिना साइनअप।

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