2026 में धनतेरस
2026 में धनतेरस ६ नवंबर २०२६, शुक्रवार को है। 2027 में यह २७ अक्टूबर को होगा - इस वर्ष की तुलना में १० दिन पहले।
पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल (सांझ))
६ नवंबर २०२६ को प्रदोष काल (सांझ) पूजा मुहूर्त ५:३२ अपराह्न से ६:४४ अपराह्न तक (नई दिल्ली)। यह विंडो आपके शहर के सूर्योदय पर चलती है, इसलिए समय कुछ मिनट आगे-पीछे होगा।
आपके शहर में मुहूर्त
प्रदोष काल (सांझ) की खिड़की स्थानीय सूर्योदय से कटती है, इसलिए यह भारत भर में एक घंटे से अधिक बदलती है। अपने शहर का समय देखें।
| शहर | पूजा मुहूर्त |
|---|---|
| दिल्ली | ५:३२ अपराह्न - ६:४४ अपराह्न |
| मुंबई | ६:०२ अपराह्न - ७:१४ अपराह्न |
| बेंगलुरु | ५:५१ अपराह्न - ७:०३ अपराह्न |
| हैदराबाद | ५:४२ अपराह्न - ६:५४ अपराह्न |
| चेन्नई | ५:४० अपराह्न - ६:५२ अपराह्न |
| कोलकाता | ४:५६ अपराह्न - ६:०८ अपराह्न |
| पुणे | ५:५९ अपराह्न - ७:११ अपराह्न |
| अहमदाबाद | ५:५८ अपराह्न - ७:१० अपराह्न |
| जयपुर | ५:४० अपराह्न - ६:५२ अपराह्न |
| सूरत | ६:०० अपराह्न - ७:१२ अपराह्न |
| लखनऊ | ५:२० अपराह्न - ६:३२ अपराह्न |
| कानपुर | ५:२३ अपराह्न - ६:३५ अपराह्न |
| नागपुर | ५:३५ अपराह्न - ६:४७ अपराह्न |
| इंदौर | ५:४६ अपराह्न - ६:५८ अपराह्न |
| भोपाल | ५:३९ अपराह्न - ६:५१ अपराह्न |
| विशाखापत्तनम | ५:२३ अपराह्न - ६:३५ अपराह्न |
| पटना | ५:०५ अपराह्न - ६:१७ अपराह्न |
| वडोदरा | ५:५७ अपराह्न - ७:०९ अपराह्न |
| गाज़ियाबाद | ५:३१ अपराह्न - ६:४३ अपराह्न |
| लुधियाना | ५:३४ अपराह्न - ६:४६ अपराह्न |
खरीदारी का शुभ समय
धनतेरस पर धातु - सोना, चाँदी या बर्तन - खरीदने के लिए अलग से कोई "खरीद मुहूर्त" नहीं होता। परंपरा पूरे दिन को शुभ मानती है और प्रदोष काल (सांझ) की वही खिड़की सर्वोत्तम मानी जाती है जिसमें पूजा होती है: ५:३२ अपराह्न से ६:४४ अपराह्न तक (नई दिल्ली)। दिन को और बारीकी से बाँटना हो तो उस दिन का चौघड़िया शुभ, लाभ और अमृत की खिड़कियाँ देता है।
धनतेरस क्या है
दीपावली पर्व का पहला दिन - आरोग्य, समृद्धि और शुभ खरीद का दिन, पूजा प्रदोष काल में।
यह तिथि कैसे तय की गई
नियम: पूर्णिमांत कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की Trayodashi तिथि, प्रदोष काल (सांझ) में प्रचलित हो। यह तिथि पंचांग से निकाली गई है - वही गणना जो इस साइट के दैनिक पंचांग को चलाती है। ध्यान दें कि तिथि केवल सूर्योदय से नहीं, बल्कि उस काल से तय होती है जिसमें व्रत या पूजा की जाती है - यही कारण है कि कई पर्व उस दिन पड़ते हैं जिस दिन सूर्योदय की तिथि कुछ और होती है।
क्षेत्रीय भिन्नता
ये तिथियाँ नई दिल्ली के लिए गणना की गई हैं और उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) परंपरा के अनुसार हैं। तमिल, बंगाली और केरल की पंचांग परंपराएँ कुछ पर्वों पर भिन्न हो सकती हैं। कोई भी व्रत या आयोजन तय करने से पहले अपने क्षेत्र का पंचांग अवश्य देखें।
इस दिन को अपनी कुंडली से पढ़ें, मुफ़्त
इस पृष्ठ के समय सबके लिए एक जैसे हैं। एक बार अपना जन्म विवरण दें और यही दिन अपनी कुंडली के अनुसार पढ़ें - कोई साइन-अप नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2026 में धनतेरस किस दिन है?
- ६ नवंबर २०२६, शुक्रवार।
- यह तारीख़ हर साल क्यों बदलती है?
- हिंदू पर्व चंद्र मास और तिथि से तय होते हैं, जो अंग्रेज़ी कैलेंडर से मेल नहीं खाते। इसीलिए तारीख़ हर वर्ष खिसकती है, और अधिक मास वाले वर्ष में और भी।
- यह तिथि कैसे निकाली गई?
- पूर्णिमांत कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की Trayodashi तिथि, प्रदोष काल (सांझ) में प्रचलित हो। गणना निरयण (लाहिड़ी) पंचांग से, नई दिल्ली के लिए।
- 2026 में धनतेरस की पूजा किस समय करें?
- प्रदोष काल (सांझ) में - ६ नवंबर २०२६ को ५:३२ अपराह्न से ६:४४ अपराह्न तक, नई दिल्ली के लिए। अपने शहर के सूर्योदय के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे।
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