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त्योहार

2026 में जन्माष्टमी कब है

2026 में जन्माष्टमी कब है? तिथि, पूजा मुहूर्त, तय करने वाला नियम और क्षेत्रीय बदलाव - सब पंचांग की गणना से।

2026 में जन्माष्टमी

2026 में जन्माष्टमी ४ सितंबर २०२६, शुक्रवार को है। 2027 में यह २४ अगस्त को होगा - इस वर्ष की तुलना में ११ दिन पहले।

पूजा मुहूर्त (निशीथ काल (मध्यरात्रि))

४ सितंबर २०२६ की रात्रि को निशीथ काल (मध्यरात्रि) पूजा मुहूर्त ११:५६ अपराह्न से १२:४४ पूर्वाह्न तक (नई दिल्ली)। यह विंडो आपके शहर के सूर्योदय पर चलती है, इसलिए समय कुछ मिनट आगे-पीछे होगा।

आपके शहर में मुहूर्त

निशीथ काल (मध्यरात्रि) की खिड़की स्थानीय सूर्योदय से कटती है, इसलिए यह भारत भर में एक घंटे से अधिक बदलती है। अपने शहर का समय देखें।

शहरपूजा मुहूर्त
दिल्ली११:५६ अपराह्न - १२:४४ पूर्वाह्न
मुंबई१२:१३ पूर्वाह्न - १:०१ पूर्वाह्न
बेंगलुरु११:५४ अपराह्न - १२:४२ पूर्वाह्न
हैदराबाद११:५१ अपराह्न - १२:३९ पूर्वाह्न
चेन्नई११:४३ अपराह्न - १२:३१ पूर्वाह्न
कोलकाता११:११ अपराह्न - ११:५९ अपराह्न
पुणे१२:०९ पूर्वाह्न - १२:५७ पूर्वाह्न
अहमदाबाद१२:१४ पूर्वाह्न - १:०२ पूर्वाह्न
जयपुर१२:०१ पूर्वाह्न - १२:४९ पूर्वाह्न
सूरत१२:१४ पूर्वाह्न - १:०२ पूर्वाह्न
लखनऊ११:४१ अपराह्न - १२:२९ पूर्वाह्न
कानपुर११:४३ अपराह्न - १२:३१ पूर्वाह्न
नागपुर११:४९ अपराह्न - १२:३७ पूर्वाह्न
इंदौर१२:०१ पूर्वाह्न - १२:४९ पूर्वाह्न
भोपाल११:५५ अपराह्न - १२:४३ पूर्वाह्न
विशाखापत्तनम११:३२ अपराह्न - १२:२० पूर्वाह्न
पटना११:२४ अपराह्न - १२:१२ पूर्वाह्न
वडोदरा१२:१२ पूर्वाह्न - १:०० पूर्वाह्न
गाज़ियाबाद११:५५ अपराह्न - १२:४३ पूर्वाह्न
लुधियाना१२:०१ पूर्वाह्न - १२:४९ पूर्वाह्न

जन्माष्टमी क्या है

कृष्ण जन्मोत्सव। मान्यता है कि जन्म मध्यरात्रि में हुआ, इसलिए यह निशीथ काल से तय होता है, सूर्योदय से नहीं।

यह तिथि कैसे तय की गई

नियम: पूर्णिमांत भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष की Ashtami तिथि, निशीथ काल (मध्यरात्रि) में प्रचलित हो। यह तिथि पंचांग से निकाली गई है - वही गणना जो इस साइट के दैनिक पंचांग को चलाती है। ध्यान दें कि तिथि केवल सूर्योदय से नहीं, बल्कि उस काल से तय होती है जिसमें व्रत या पूजा की जाती है - यही कारण है कि कई पर्व उस दिन पड़ते हैं जिस दिन सूर्योदय की तिथि कुछ और होती है।

क्षेत्रीय भिन्नता

ये तिथियाँ नई दिल्ली के लिए गणना की गई हैं और उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) परंपरा के अनुसार हैं। तमिल, बंगाली और केरल की पंचांग परंपराएँ कुछ पर्वों पर भिन्न हो सकती हैं। कोई भी व्रत या आयोजन तय करने से पहले अपने क्षेत्र का पंचांग अवश्य देखें।

इस दिन को अपनी कुंडली से पढ़ें, मुफ़्त

इस पृष्ठ के समय सबके लिए एक जैसे हैं। एक बार अपना जन्म विवरण दें और यही दिन अपनी कुंडली के अनुसार पढ़ें - कोई साइन-अप नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में जन्माष्टमी किस दिन है?
४ सितंबर २०२६, शुक्रवार।
यह तारीख़ हर साल क्यों बदलती है?
हिंदू पर्व चंद्र मास और तिथि से तय होते हैं, जो अंग्रेज़ी कैलेंडर से मेल नहीं खाते। इसीलिए तारीख़ हर वर्ष खिसकती है, और अधिक मास वाले वर्ष में और भी।
यह तिथि कैसे निकाली गई?
पूर्णिमांत भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष की Ashtami तिथि, निशीथ काल (मध्यरात्रि) में प्रचलित हो। गणना निरयण (लाहिड़ी) पंचांग से, नई दिल्ली के लिए।
2026 में जन्माष्टमी की पूजा किस समय करें?
निशीथ काल (मध्यरात्रि) में - ४ सितंबर २०२६ की रात्रि को ११:५६ अपराह्न से १२:४४ पूर्वाह्न तक, नई दिल्ली के लिए। अपने शहर के सूर्योदय के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे।

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