2026 में पौष पूर्णिमा
2026 में पौष पूर्णिमा २४ दिसंबर २०२६, गुरुवार को है। 2027 में यह २२ जनवरी को होगा - इस वर्ष की तुलना में ३३६ दिन पहले।
पौष पूर्णिमा क्या है
माघ स्नान मास का आरंभ करने वाली पूर्णिमा। प्रयागराज में यह पहला प्रमुख स्नान है, और कुंभ वर्षों में कल्पवास का आरंभ।
यह तिथि कैसे तय की गई
नियम: पूर्णिमांत पौष मास, शुक्ल पक्ष की Purnima तिथि, सूर्योदय के समय प्रचलित हो। यह तिथि पंचांग से निकाली गई है - वही गणना जो इस साइट के दैनिक पंचांग को चलाती है। ध्यान दें कि तिथि केवल सूर्योदय से नहीं, बल्कि उस काल से तय होती है जिसमें व्रत या पूजा की जाती है - यही कारण है कि कई पर्व उस दिन पड़ते हैं जिस दिन सूर्योदय की तिथि कुछ और होती है।
क्षेत्रीय भिन्नता
ये तिथियाँ नई दिल्ली के लिए गणना की गई हैं और उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) परंपरा के अनुसार हैं। तमिल, बंगाली और केरल की पंचांग परंपराएँ कुछ पर्वों पर भिन्न हो सकती हैं। कोई भी व्रत या आयोजन तय करने से पहले अपने क्षेत्र का पंचांग अवश्य देखें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2026 में पौष पूर्णिमा किस दिन है?
- २४ दिसंबर २०२६, गुरुवार।
- यह तारीख़ हर साल क्यों बदलती है?
- हिंदू पर्व चंद्र मास और तिथि से तय होते हैं, जो अंग्रेज़ी कैलेंडर से मेल नहीं खाते। इसीलिए तारीख़ हर वर्ष खिसकती है, और अधिक मास वाले वर्ष में और भी।
- यह तिथि कैसे निकाली गई?
- पूर्णिमांत पौष मास, शुक्ल पक्ष की Purnima तिथि, सूर्योदय के समय प्रचलित हो। गणना निरयण (लाहिड़ी) पंचांग से, नई दिल्ली के लिए।
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