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त्योहार

2027 में काली पूजा कब है

2027 में काली पूजा कब है? तिथि, पूजा मुहूर्त, तय करने वाला नियम और क्षेत्रीय बदलाव - सब पंचांग की गणना से।

2027 में काली पूजा

2027 में काली पूजा २९ अक्टूबर २०२७, शुक्रवार को है। 2026 में यह ८ नवंबर को था, इसलिए इस वर्ष यह १० दिन पहले है।

पूजा मुहूर्त (निशीथ काल (मध्यरात्रि))

२९ अक्टूबर २०२७ की रात्रि को निशीथ काल (मध्यरात्रि) पूजा मुहूर्त ११:४० अपराह्न से १२:२८ पूर्वाह्न तक (नई दिल्ली)। यह विंडो आपके शहर के सूर्योदय पर चलती है, इसलिए समय कुछ मिनट आगे-पीछे होगा।

आपके शहर में मुहूर्त

निशीथ काल (मध्यरात्रि) की खिड़की स्थानीय सूर्योदय से कटती है, इसलिए यह भारत भर में एक घंटे से अधिक बदलती है। अपने शहर का समय देखें।

शहरपूजा मुहूर्त
दिल्ली११:४० अपराह्न - १२:२८ पूर्वाह्न
मुंबई११:५८ अपराह्न - १२:४६ पूर्वाह्न
बेंगलुरु११:३९ अपराह्न - १२:२७ पूर्वाह्न
हैदराबाद११:३६ अपराह्न - १२:२४ पूर्वाह्न
चेन्नई११:२८ अपराह्न - १२:१६ पूर्वाह्न
कोलकाता१०:५६ अपराह्न - ११:४४ अपराह्न
पुणे११:५४ अपराह्न - १२:४२ पूर्वाह्न
अहमदाबाद११:५९ अपराह्न - १२:४७ पूर्वाह्न
जयपुर११:४६ अपराह्न - १२:३४ पूर्वाह्न
सूरत११:५८ अपराह्न - १२:४६ पूर्वाह्न
लखनऊ११:२५ अपराह्न - १२:१३ पूर्वाह्न
कानपुर११:२८ अपराह्न - १२:१६ पूर्वाह्न
नागपुर११:३३ अपराह्न - १२:२१ पूर्वाह्न
इंदौर११:४६ अपराह्न - १२:३४ पूर्वाह्न
भोपाल११:४० अपराह्न - १२:२८ पूर्वाह्न
विशाखापत्तनम११:१६ अपराह्न - १२:०४ पूर्वाह्न
पटना११:०९ अपराह्न - ११:५७ अपराह्न
वडोदरा११:५७ अपराह्न - १२:४५ पूर्वाह्न
गाज़ियाबाद११:३९ अपराह्न - १२:२७ पूर्वाह्न
लुधियाना११:४६ अपराह्न - १२:३४ पूर्वाह्न

काली पूजा क्या है

बंगाल, असम और ओडिशा उसी कार्तिक अमावस्या को काली पूजा मनाते हैं जिसे शेष भारत दिवाली के रूप में। पूजा निशीथ काल - मध्यरात्रि - में होती है, संध्या में नहीं; समय का यही वास्तविक अंतर है।

यह तिथि कैसे तय की गई

नियम: पूर्णिमांत कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की Amavasya तिथि, निशीथ काल (मध्यरात्रि) में प्रचलित हो। यह तिथि पंचांग से निकाली गई है - वही गणना जो इस साइट के दैनिक पंचांग को चलाती है। ध्यान दें कि तिथि केवल सूर्योदय से नहीं, बल्कि उस काल से तय होती है जिसमें व्रत या पूजा की जाती है - यही कारण है कि कई पर्व उस दिन पड़ते हैं जिस दिन सूर्योदय की तिथि कुछ और होती है।

क्षेत्रीय भिन्नता

ये तिथियाँ नई दिल्ली के लिए गणना की गई हैं और उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) परंपरा के अनुसार हैं। तमिल, बंगाली और केरल की पंचांग परंपराएँ कुछ पर्वों पर भिन्न हो सकती हैं। कोई भी व्रत या आयोजन तय करने से पहले अपने क्षेत्र का पंचांग अवश्य देखें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में काली पूजा किस दिन है?
२९ अक्टूबर २०२७, शुक्रवार।
यह तारीख़ हर साल क्यों बदलती है?
हिंदू पर्व चंद्र मास और तिथि से तय होते हैं, जो अंग्रेज़ी कैलेंडर से मेल नहीं खाते। इसीलिए तारीख़ हर वर्ष खिसकती है, और अधिक मास वाले वर्ष में और भी।
यह तिथि कैसे निकाली गई?
पूर्णिमांत कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की Amavasya तिथि, निशीथ काल (मध्यरात्रि) में प्रचलित हो। गणना निरयण (लाहिड़ी) पंचांग से, नई दिल्ली के लिए।
2027 में काली पूजा की पूजा किस समय करें?
निशीथ काल (मध्यरात्रि) में - २९ अक्टूबर २०२७ की रात्रि को ११:४० अपराह्न से १२:२८ पूर्वाह्न तक, नई दिल्ली के लिए। अपने शहर के सूर्योदय के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे।

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