शब्दकोश

अमात्यकारक (Amatyakaraka)

कुंडली में दूसरे सर्वाधिक अंश वाला ग्रह — जैमिनी का 'मंत्री', जो आजीविका और कार्य का कारक है।

इसका अर्थ

जैमिनी चर-कारक क्रम में अमात्यकारक वह ग्रह है जिसका अपनी राशि में अंश दूसरे स्थान पर सर्वाधिक हो — आत्मकारक से ठीक एक पायदान नीचे। 'अमात्य' का अर्थ है मंत्री या सलाहकार: यदि आत्मकारक कुंडली का राजा माना जाए, तो अमात्यकारक वह मंत्री है जो राजा का कार्य संसार में सम्पन्न करता है।

इसे कैसे पढ़ा जाता है

इसे व्यापक अर्थ में आजीविका के लिए पढ़ा जाता है — पद का नाम नहीं, बल्कि वह कार्य, परामर्श और साधन जिनके माध्यम से जीवन का केंद्रीय विषय पूरा होता है। अभ्यास में इसे दशम भाव और उसके स्वामी के साथ तौला जाता है, और आत्मकारक तथा अमात्यकारक का परस्पर संबंध — राशि, दृष्टि या दशा से — व्यावसायिक उन्नति के आकलन का शास्त्रीय अंग है।

किन बातों का ध्यान रखें

वही ईमानदारी यहाँ भी लागू है जो हर चर कारक पर: यह जैमिनी है, पराशर नहीं; सात बनाम आठ ग्रहों की पद्धतियाँ असहमत हैं; और अंश-क्रम उतना ही विश्वसनीय है जितना उसके पीछे का जन्म-समय। अंशों में निकट दो ग्रह थोड़े से समय-संशोधन से स्थान बदल सकते हैं, और व्यवहार में अमात्यकारक ही वह पद है जो सबसे अधिक बदलता है।