होरा

२० अक्टूबर २०२६ की होरा

मंगलवार, २० अक्टूबर २०२६ की होरा, नई दिल्ली, भारत (IST)। दिन की शुरुआत मंगल होरा से ०६:२४ पर। दिन और रात के पूरे ग्रह घंटे।

होरा क्या है

होरा एक ग्रह-घंटा है। दिन के उजाले को बारह भागों में और रात को बारह भागों में बाँटा जाता है, और हर भाग पर एक ग्रह का शासन होता है — कैल्डियन क्रम में सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल — जो दोहराता रहता है। सूर्योदय के बाद की पहली होरा हमेशा उस वार के स्वामी की होती है, इसीलिए मंगलवार की शुरुआत मंगल होरा से होती है।

दिन की होरा (मंगलवार)

सूर्योदय से सूर्यास्त तक बारह होरा।

मंगलवार, २० अक्टूबर २०२६ — दिन की होरा
समयस्वामी ग्रह
०६:२४–०७:२१मंगल
०७:२१–०८:१८सूर्य
०८:१८–०९:१५शुक्र
०९:१५–१०:११बुध
१०:११–११:०८चंद्र
११:०८–१२:०५शनि
१२:०५–१३:०२गुरु
१३:०२–१३:५९मंगल
१३:५९–१४:५६सूर्य
१४:५६–१५:५२शुक्र
१५:५२–१६:४९बुध
१६:४९–१७:४६चंद्र

रात की होरा

सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक बारह और।

मंगलवार, २० अक्टूबर २०२६ — रात की होरा
समयस्वामी ग्रह
१७:४६–१८:४९शनि
१८:४९–१९:५३गुरु
१९:५३–२०:५६मंगल
२०:५६–२१:५९सूर्य
२१:५९–२३:०२शुक्र
२३:०२–००:०६बुध
००:०६–०१:०९चंद्र
०१:०९–०२:१२शनि
०२:१२–०३:१५गुरु
०३:१५–०४:१९मंगल
०४:१९–०५:२२सूर्य
०५:२२–०६:२५शुक्र

किस होरा में क्या करें

परंपरा के अनुसार हर ग्रह की होरा अलग तरह के काम के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

  • गुरु — अध्ययन, संस्कार और सद्भाव वाले काम
  • बुध — कागज़ी काम, व्यापार और संवाद
  • शुक्र — कला, ख़रीद और संबंध
  • चंद्र — यात्रा और घर-गृहस्थी
  • सूर्य — अधिकारियों से जुड़े काम
  • मंगल और शनि — कठिन, एकाग्र काम; नई शुरुआत नहीं

होरा समय की एक परिपाटी है, भविष्यवाणी नहीं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एक होरा कितनी लंबी होती है?
घड़ी का एक घंटा नहीं। दिन के उजाले को बारह और रात को बारह बराबर भागों में बाँटा जाता है, इसलिए गर्मियों में दिन की होरा साठ मिनट से बड़ी और सर्दियों में छोटी होती है — और एक ही दिन में दिन तथा रात की होरा की लंबाई अलग होती है।
अभी कौन-सी होरा चल रही है?
ऊपर दिए दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) या रात (सूर्यास्त से आगे) के चार्ट में वर्तमान समय मिलाएँ। दोनों नई दिल्ली, भारत (IST) के स्थानीय समय में हैं।
हर वार की शुरुआत अलग ग्रह से क्यों होती है?
क्योंकि वार का नाम ही उस ग्रह पर पड़ा है जो उसकी पहली होरा का स्वामी है — रविवार सूर्य से, सोमवार चंद्र से, और इसी तरह। इसके बाद क्रम कैल्डियन अनुक्रम में चौबीसों होरा तक चलता रहता है।

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