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2027 का राशिफल

वृषभ राशिफल २०२७

वृषभ वार्षिक राशिफल २०२७: २०२७ में अधिकांश समय बृहस्पति सिंह में रहेगा — वृषभ से गिनने पर आपका चौथा भाव। क्षेत्र: घर, जड़ें, माता और आंतरिक शांति। चौथे भाव

२०२७ में वृषभ

२०२७ में अधिकांश समय बृहस्पति सिंह में रहेगा — वृषभ से गिनने पर आपका चौथा भाव। क्षेत्र: घर, जड़ें, माता और आंतरिक शांति। चौथे भाव का गुरु पाँव के नीचे की ज़मीन मज़बूत करता है: घर, माता, संपत्ति और मन की शांति। यह वर्ष यह तय करने का है कि आप कहाँ रहते हैं, यह नहीं कि कहाँ जा रहे हैं।

२०२७ में गुरु गोचर

बृहस्पति पूरे वर्ष एक ही राशि में नहीं रहता — वक्री होने के कारण वह छोड़ी हुई राशि में फिर लौट सकता है। वृषभ से गिनने पर:

गुरु गोचर २०२७
अवधिबृहस्पतिआपका भावक्षेत्र
१ जनवरी – २४ जनवरीसिंहचौथा भावघर, जड़ें, माता और आंतरिक शांति
२५ जनवरी – २५ जूनकर्कतीसरा भावसंवाद, साहस, भाई-बहन और प्रयास
२६ जून – २६ नवंबरसिंहचौथा भावघर, जड़ें, माता और आंतरिक शांति
२७ नवंबर – ३१ दिसंबरकन्यापाँचवाँ भावरचनात्मकता, प्रेम, संतान और बुद्धि

२०२७ में शनि

२०२७ में अधिकांश समय शनि मीन में रहेगा — आपका ग्यारहवाँ भाव। ग्यारहवें भाव का शनि व्यवस्था और लगन से अर्जित लाभ को फल देता है। संपर्क कम होते हैं, पर बेहतर। वर्ष के भीतर शनि राशि बदलता है: मीन (१ जनवरी – २ जून), फिर मेष (३ जून – १९ अक्टूबर), फिर मीन (२० अक्टूबर – ३१ दिसंबर)।

२०२७ में राहु-केतु अक्ष

राहु मकर में (आपका नौवाँ भाव) और केतु ठीक सामने कर्क में (आपका तीसरा भाव)। राहु-केतु सदैव वक्र चलते हैं और सदैव आमने-सामने रहते हैं, इसलिए यह दो स्थितियाँ नहीं, एक अक्ष है: नौवें भाव वह क्षेत्र है जहाँ वर्ष आपको किसी नए और अपरिचित की ओर खींचता है, और तीसरे भाव वह जहाँ किसी अभ्यस्त चीज़ को छोड़ने को कहता है।

यह कैसे निकाला गया है

इस पृष्ठ की हर तिथि वास्तविक निरयण स्थिति है, किसी साँचे से नहीं लिखी गई — वक्री होकर लौटने वाली स्थितियाँ भी, इसीलिए एक ही राशि दो बार दिख सकती है। भाव पूर्ण-राशि पद्धति से वृषभ से गिने गए हैं, इसलिए वही वर्ष बारह राशियों के लिए अलग पढ़ा जाता है। फल का विवरण हमारा है; गणित किसी भी पंचांग से जाँचा जा सकता है।

वृषभ राशि के बारे में

वृषभ आराम, सुरक्षा और ठोस चीज़ों को महत्व देती है - धैर्यवान और भरोसेमंद, बदलाव में धीमी। छाया है ज़िद और परिचित से अत्यधिक लगाव।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वृषभ २०२७ राशिफल चंद्र राशि से है या सूर्य राशि से?
चंद्र राशि से। वैदिक वार्षिक फल में धीमे ग्रहों के भाव चंद्र राशि से गिने जाते हैं — साढ़े साती भी इसी से तय होती है। अपनी चंद्र राशि मुफ़्त कैलकुलेटर से जान सकते हैं।
२०२७ में वृषभ के मुख्य गोचर कौन से हैं?
बृहस्पति सिंह और कर्क और सिंह और कन्या में, शनि मीन और मेष और मीन में, और राहु-केतु अक्ष मकर/कर्क पर। गुरु का भाव वर्ष का मुख्य विषय है, शनि का अनुशासन।
क्या २०२७ में वृषभ पर साढ़े साती है?
नहीं। साढ़े साती के लिए शनि का चंद्र राशि से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में होना आवश्यक है, और २०२७ में वह आपके ग्यारहवें भाव में है।
एक ही वर्ष में बृहस्पति दो राशियों में क्यों दिखता है?
क्योंकि वह वक्री होता है। बृहस्पति किसी राशि में प्रवेश करके कुछ माह के लिए पिछली राशि में लौट सकता है, फिर दोबारा प्रवेश करता है। तालिका हर अवधि की तिथि अलग देती है, क्योंकि पूरे वर्ष को एक राशि मान लेना बीच के महीनों के लिए ग़लत होगा।

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