षष्ठ भाव का अर्थ
वैदिक ज्योतिष में षष्ठ भाव कार्य, स्वास्थ्य, दिनचर्या और बाधाएँ का कारक है। इसमें बैठे ग्रह - और इसका स्वामी ग्रह - तय करते हैं कि जीवन का यह पक्ष आपके लिए कैसे खुलता है।
षष्ठ भाव में ग्रह
प्रत्येक ग्रह षष्ठ भाव को अलग तरह से व्यक्त करता है। प्रत्येक ग्रह के बारे में और पढ़ने के लिए नीचे ग्रह चुनें।
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यह देखने के लिए कि आपके ग्रह वास्तव में कहाँ बैठे हैं, मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ - कोई साइन-अप नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- वैदिक ज्योतिष में षष्ठ भाव क्या दर्शाता है?
- षष्ठ भाव कार्य, स्वास्थ्य, दिनचर्या और बाधाएँ का कारक है।
- क्या षष्ठ भाव शुभ है या अशुभ?
- कोई भी भाव अपने आप में शुभ या अशुभ नहीं होता - यह उसमें बैठे ग्रहों, भाव पर पड़ने वाली राशि और उसके स्वामी की शक्ति पर निर्भर करता है।
- मैं कैसे जानूँ कि मेरे षष्ठ भाव में क्या है?
- मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ - यह प्रत्येक ग्रह का भाव दिखाती है, षष्ठ सहित।