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मुहूर्त २०२७

गृह प्रवेश मुहूर्त २०२७

२०२७ में गृह प्रवेश के लिए १२ शुभ तिथियाँ - नक्षत्र, तिथि, वार, योग और करण के आधार पर छाँटी गईं। हर तिथि का पंचांग साथ में।

गृह प्रवेश के लिए तिथि कैसे चुनी जाती है

कोई तिथि इस सूची में तभी आती है जब वह एक साथ सभी दिन-स्तरीय नियमों पर खरी उतरे - नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद, शतभिषा। तिथि: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा। वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) वर्जित। चातुर्मास वर्जित। रिक्ता तिथियाँ, अमावस्या, भद्रा (विष्टि करण) और अशुभ योग सभी सूचियों से हटा दिए गए हैं। २०२७ के ३६५ उपलब्ध दिनों में से १२ तिथियाँ इस छानबीन में बचती हैं।

मास के अनुसार तिथियाँ

जनवरी २०२७: १५, २०। फ़रवरी २०२७: ११, २५। मार्च २०२७: ४, १०, ११। अप्रैल २०२७: २८। जून २०२७: १४, २१। नवंबर २०२७: १२। दिसंबर २०२७: ९।

२०२७ में चातुर्मास

चातुर्मास देवशयनी एकादशी १४ जुलाई २०२७ से देवउठनी एकादशी १० नवंबर २०२७ तक रहता है। इस अवधि में गृह प्रवेश नहीं किया जाता, इसलिए ऊपर की सूची में इन दो तिथियों के बीच कोई तिथि नहीं है - यह नियम है, आँकड़ों की कमी नहीं।

यह पृष्ठ क्या नहीं है

यहाँ दी गई तिथियाँ शुभ दिन हैं, पूर्ण मुहूर्त नहीं। मुहूर्त एक स्थान पर समय की एक खिड़की होती है - उसमें उस क्षण उदय होने वाला लग्न देखा जाता है, और कई बार संबंधित व्यक्ति की कुंडली भी। यह पृष्ठ वर्ष की हर तिथि पर दिन-स्तर के नियम (नक्षत्र, तिथि, वार, योग, करण तथा खरमास और चातुर्मास) लगाकर बताता है कि कौन-सी तिथियाँ बचती हैं और क्यों। वास्तविक समय निश्चित करने के लिए पंडित जी से परामर्श करें। पंचांग नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए गणना किया गया है और आपके स्थान के अनुसार बदलता है।

जनवरी २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
१५शुक्रवारसप्तमी (शुक्ल)रेवती07:15
२०बुधवारत्रयोदशी (शुक्ल)मृगशिरा07:14

फ़रवरी २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
११गुरुवारपंचमी (शुक्ल)रेवती07:03
२५गुरुवारपंचमी (कृष्ण)चित्रा06:50

मार्च २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
गुरुवारएकादशी (कृष्ण)उत्तराषाढ़ा06:43
१०बुधवारद्वितीया (शुक्ल)उत्तर भाद्रपद06:37
११गुरुवारतृतीया (शुक्ल)रेवती06:36

अप्रैल २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
२८बुधवारसप्तमी (कृष्ण)उत्तराषाढ़ा05:43

जून २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
१४सोमवारएकादशी (शुक्ल)चित्रा05:22
२१सोमवारद्वितीया (कृष्ण)उत्तराषाढ़ा05:23

नवंबर २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
१२शुक्रवारत्रयोदशी (शुक्ल)रेवती06:41

दिसंबर २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
गुरुवारएकादशी (शुक्ल)रेवती07:01

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

२०२७ में गृह प्रवेश के लिए कितनी शुभ तिथियाँ हैं?
१२ तिथियाँ दिन-स्तरीय नियमों पर खरी उतरती हैं। पहली १५ जनवरी २०२७ और अंतिम ९ दिसंबर २०२७ है।
क्या इस सूची से सीधे तिथि तय की जा सकती है?
नहीं। मुहूर्त दिन नहीं, समय की खिड़की होता है - चुने गए समय पर उदय होने वाला लग्न मायने रखता है, और कई संस्कारों में संबंधित व्यक्ति की कुंडली भी। यह सूची वर्ष को उन दिनों तक सीमित कर देती है जो पात्र हैं, और उसके बाद पंडित जी समय निश्चित करते हैं।
कहीं और देखी गई तिथि इस सूची में क्यों नहीं है?
प्रायः इसलिए कि नियम अलग हैं। कुछ पंचांग ऐसे वार या नक्षत्र स्वीकार करते हैं जिन्हें हम छोड़ते हैं, कुछ क्षेत्रीय नियम लगाते हैं, और कुछ ऐसी तिथि भी देते हैं जिस दिन उपयुक्त नक्षत्र केवल कुछ घंटे रहता है। हमने कौन-से नियम लगाए हैं यह ऊपर स्पष्ट लिखा है।
क्या चातुर्मास २०२७ में गृह प्रवेश किया जा सकता है?
परंपरा के अनुसार नहीं। २०२७ में चातुर्मास १४ जुलाई २०२७ से १० नवंबर २०२७ तक है और इस अवधि में शुभ संस्कार टाल दिए जाते हैं। इसीलिए उस अवधि में कोई तिथि सूचीबद्ध नहीं है।
क्या ये तिथियाँ मेरे शहर के लिए भी सही हैं?
यहाँ का पंचांग नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए गणना किया गया है। तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, सूर्यास्त और अंग बदलने का सटीक समय देशांतर के साथ बदलता है - इसलिए किसी सीमावर्ती तिथि पर निर्णय से पहले अपने शहर के लिए पंचांग देख लें।

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