नक्षत्र

धनिष्ठा नक्षत्र

धनिष्ठा नक्षत्र - स्वामी मंगल, प्रतीक ढोल, देवता वसु। लय, धन और प्रशंसा; अपनी धुन पर चलती है, समृद्ध और संगीतमय।

धनिष्ठा नक्षत्र का अर्थ

लय, धन और प्रशंसा; अपनी धुन पर चलती है, समृद्ध और संगीतमय। धनिष्ठा का स्वामी मंगल है, इसके अधिष्ठाता देवता वसु हैं, और इसका प्रतीक ढोल है - ये मिलकर इसका स्वभाव गढ़ते हैं।

आपकी कुंडली में धनिष्ठा

जन्म के समय आपका चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है वही आपका जन्म नक्षत्र है - यह आपकी सहज प्रवृत्तियों को रंग देता है और आपकी विंशोत्तरी दशा का क्रम तय करता है (मंगल से आरंभ)। अपने चंद्र नक्षत्र को जानने के लिए मुफ़्त जन्म कुंडली बनाएँ।

अपनी कुंडली में देखें

यह देखने के लिए कि आपके ग्रह वास्तव में कहाँ बैठे हैं, मुफ़्त वैदिक जन्म कुंडली बनाएँ - कोई साइन-अप नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनिष्ठा नक्षत्र क्या है?
धनिष्ठा वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में से एक है। लय, धन और प्रशंसा; अपनी धुन पर चलती है, समृद्ध और संगीतमय।
धनिष्ठा का स्वामी कौन-सा ग्रह है?
विंशोत्तरी दशा प्रणाली में धनिष्ठा का स्वामी मंगल है।
धनिष्ठा के प्रतीक और देवता क्या हैं?
इसका प्रतीक ढोल और अधिष्ठाता देवता वसु हैं।

और देखें