नक्षत्र

शतभिषा नक्षत्र

शतभिषा नक्षत्र - स्वामी राहु, प्रतीक खाली वृत्त, देवता वरुण। उपचार के रहस्य और एकांत; ब्रह्मांडीय वैद्य, निजी और अपरंपरागत।

शतभिषा नक्षत्र का अर्थ

उपचार के रहस्य और एकांत; ब्रह्मांडीय वैद्य, निजी और अपरंपरागत। शतभिषा का स्वामी राहु है, इसके अधिष्ठाता देवता वरुण हैं, और इसका प्रतीक खाली वृत्त है - ये मिलकर इसका स्वभाव गढ़ते हैं।

आपकी कुंडली में शतभिषा

जन्म के समय आपका चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है वही आपका जन्म नक्षत्र है - यह आपकी सहज प्रवृत्तियों को रंग देता है और आपकी विंशोत्तरी दशा का क्रम तय करता है (राहु से आरंभ)। अपने चंद्र नक्षत्र को जानने के लिए मुफ़्त जन्म कुंडली बनाएँ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शतभिषा नक्षत्र क्या है?
शतभिषा वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में से एक है। उपचार के रहस्य और एकांत; ब्रह्मांडीय वैद्य, निजी और अपरंपरागत।
शतभिषा का स्वामी कौन-सा ग्रह है?
विंशोत्तरी दशा प्रणाली में शतभिषा का स्वामी राहु है।
शतभिषा के प्रतीक और देवता क्या हैं?
इसका प्रतीक खाली वृत्त और अधिष्ठाता देवता वरुण हैं।

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