नक्षत्र

स्वाति नक्षत्र

स्वाति नक्षत्र - स्वामी राहु, प्रतीक हवा में लहराता नया अंकुर, देवता वायु। स्वतंत्रता और लचीली गति; टूटे बिना झुकती है, स्वयंनिर्मित।

स्वाति नक्षत्र का अर्थ

स्वतंत्रता और लचीली गति; टूटे बिना झुकती है, स्वयंनिर्मित। स्वाति का स्वामी राहु है, इसके अधिष्ठाता देवता वायु हैं, और इसका प्रतीक हवा में लहराता नया अंकुर है - ये मिलकर इसका स्वभाव गढ़ते हैं।

आपकी कुंडली में स्वाति

जन्म के समय आपका चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है वही आपका जन्म नक्षत्र है - यह आपकी सहज प्रवृत्तियों को रंग देता है और आपकी विंशोत्तरी दशा का क्रम तय करता है (राहु से आरंभ)। अपने चंद्र नक्षत्र को जानने के लिए मुफ़्त जन्म कुंडली बनाएँ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वाति नक्षत्र क्या है?
स्वाति वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में से एक है। स्वतंत्रता और लचीली गति; टूटे बिना झुकती है, स्वयंनिर्मित।
स्वाति का स्वामी कौन-सा ग्रह है?
विंशोत्तरी दशा प्रणाली में स्वाति का स्वामी राहु है।
स्वाति के प्रतीक और देवता क्या हैं?
इसका प्रतीक हवा में लहराता नया अंकुर और अधिष्ठाता देवता वायु हैं।

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