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पंचांग

१६ नवंबर २०२६ का पंचांग

सोमवार, १६ नवंबर २०२६ का पंचांग: सप्तमी (शुक्ल पक्ष), श्रवण नक्षत्र, गण्ड योग। राहु काल ०८:०४ से ०९:२५। सूर्योदय ०६:४४।

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है "पाँच अंग" - वे पाँच मान जो वैदिक दिन को परिभाषित करते हैं। सोमवार, १६ नवंबर २०२६ के लिए:

तिथि
सप्तमी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र
श्रवण
योग
गण्ड
करण
गर
वार
सोमवार

पर क्या आज का दिन आपके लिए शुभ है?

राहु काल बताता है कि कब सावधान रहना है। आपकी जन्म कुंडली बताती है कि आज की ग्रह-स्थिति आप पर कैसे असर करती है।

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सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा

नीचे दिया हर काल सूर्योदय से नापा जाता है - इसीलिए पंचांग हमेशा स्थान से जुड़ा होता है। ये समय नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए हैं।

सूर्योदय
०६:४४
सूर्यास्त
१७:२७
चंद्रोदय
१२:१६
चंद्रास्त
२३:१४

अशुभ काल - इनसे बचें

ये तीन काल हर दिन आते हैं और वार के अनुसार खिसकते हैं, इसलिए कल का राहु काल आज लागू नहीं होता।

कालसमय
राहु काल०८:०४ से ०९:२५
यमगंड काल१०:४५ से १२:०५
गुलिक काल१३:२६ से १४:४६

परंपरा में इन कालों में कोई नया और महत्वपूर्ण कार्य शुरू नहीं किया जाता - नया व्यापार, यात्रा, खरीद या संस्कार। पहले से चल रहे काम पर इसका असर नहीं होता।

इस दिन को अपनी कुंडली से पढ़ें, मुफ़्त

इस पृष्ठ के समय सबके लिए एक जैसे हैं। एक बार अपना जन्म विवरण दें और यही दिन अपनी कुंडली के अनुसार पढ़ें - कोई साइन-अप नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

१६ नवंबर २०२६ को तिथि क्या है?
तिथि शुक्ल पक्ष की सप्तमी है। तिथि एक चंद्र दिवस है - वह समय जिसमें चंद्रमा सूर्य से १२° आगे बढ़ता है - इसलिए यह २४ घंटे की घड़ी से ठीक-ठीक नहीं मिलती।
राहु काल क्या है और क्या सचमुच इससे बचना चाहिए?
इस दिन नई दिल्ली, भारत (IST) में राहु काल ०८:०४ से ०९:२५ तक है। दिन के उजाले को आठ भागों में बाँटकर इसकी गणना होती है और इसका स्थान वार पर निर्भर करता है। परंपरा इसमें नया कार्य शुरू करने से बचती है - यह समय की एक परिपाटी है, किसी हानि की भविष्यवाणी नहीं।
क्या ये समय मेरे शहर के लिए सही हैं?
ये नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए गणना किए गए हैं। हर काल स्थानीय सूर्योदय से निकलता है, इसलिए अक्षांश-देशांतर बदलने पर समय भी बदलते हैं - उत्तर भारत से बाहर अक्सर एक घंटे से भी अधिक। अपने शहर के लिए मुफ़्त पंचांग कैलकुलेटर का उपयोग करें।
१६ नवंबर २०२६ को चंद्रमा किस नक्षत्र में है?
चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में है। चंद्रमा लगभग रोज़ एक नक्षत्र पार करता है, इसलिए पाँच अंगों में नक्षत्र सबसे तेज़ चलने वाला है और दैनिक फल इसी पर सबसे अधिक टिका होता है।

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ऐसे पृष्ठ सामान्य नियम बताते हैं। आपकी कुंडली विशिष्ट है। Astroniq आपकी वास्तविक वैदिक कुंडली की गणना करता है - ग्रह स्थिति, दशाएँ, योग - और उसका AI ज्योतिषी चैट में आपके प्रश्नों के उत्तर देता है, एक परामर्श की तरह। पहली रीडिंग निःशुल्क, बिना साइनअप।

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