१४ नवंबर २०२६ का राहु काल
शनिवार, १४ नवंबर २०२६ को राहु काल ९:२४ पूर्वाह्न से १०:४४ पूर्वाह्न तक रहेगा - यानी ८० मिनट का समय। यह गणना नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए है। इस अवधि में कोई नया कार्य शुरू करने से परहेज़ किया जाता है - यात्रा, खरीदारी, हस्ताक्षर या शुभ आरंभ। पहले से चल रहे काम इसके लिए नहीं रोके जाते।
- राहु काल
- ९:२४ पूर्वाह्न से १०:४४ पूर्वाह्न
- अवधि
- ८० मिनट
पर क्या आज का दिन आपके लिए शुभ है?
राहु काल बताता है कि कब सावधान रहना है। आपकी जन्म कुंडली बताती है कि आज की ग्रह-स्थिति आप पर कैसे असर करती है।
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राहु काल क्या है
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। इनमें से एक भाग राहु का माना जाता है। यह भाग किस समय पड़ेगा, यह वार पर निर्भर करता है - इसलिए राहु काल हर दिन अलग समय पर आता है। यह दिन के उजाले का आठवाँ हिस्सा है, कोई निश्चित डेढ़ घंटा नहीं, इसलिए इसकी अवधि ऋतु के साथ घटती-बढ़ती रहती है।
यमगंड और गुलिक काल
इसी तरह दो और अशुभ अवधियाँ निकाली जाती हैं। तीनों में राहु काल का पालन सबसे अधिक किया जाता है। गुलिक को अपेक्षाकृत कम कठोर माना जाता है, और कुछ परंपराओं में इसे स्थायी फल देने वाले कार्यों के लिए शुभ भी माना गया है।
| काल | समय |
|---|---|
| राहु काल | ९:२४ पूर्वाह्न से १०:४४ पूर्वाह्न |
| यमगंड | १:२६ अपराह्न से २:४६ अपराह्न |
| गुलिक काल | ६:४२ पूर्वाह्न से ८:०३ पूर्वाह्न |
क्या यह आपके शहर पर लागू होता है?
यह समय नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए है। हर अवधि स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त पर आधारित होती है, इसलिए चेन्नई या कोलकाता में राहु काल दिल्ली के समय पर शुरू नहीं होता - भारत भर में यह अंतर आधे घंटे से अधिक तक जा सकता है। सटीक समय के लिए अपने शहर के अनुसार गणना करें।
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इस पृष्ठ के समय सबके लिए एक जैसे हैं। एक बार अपना जन्म विवरण दें और यही दिन अपनी कुंडली के अनुसार पढ़ें - कोई साइन-अप नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- १४ नवंबर २०२६ को राहु काल कितने बजे है?
- शनिवार, १४ नवंबर २०२६ को राहु काल ९:२४ पूर्वाह्न से १०:४४ पूर्वाह्न तक है (नई दिल्ली, भारत (IST))। यह आपके शहर के अनुसार बदलता है।
- राहु काल की गणना कैसे होती है?
- सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है और उनमें से एक भाग राहु काल होता है। यह कौन-सा भाग होगा, यह वार से तय होता है - इसलिए हर दिन इसका समय बदलता है।
- राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
- परंपरा के अनुसार इस अवधि में कोई नया काम शुरू नहीं किया जाता - यात्रा, खरीदारी, हस्ताक्षर या शुभ कार्य। पहले से चल रहा काम, दैनिक दिनचर्या और आपात स्थितियाँ इससे प्रभावित नहीं मानी जातीं।
- क्या पूरे भारत में राहु काल एक ही समय पर होता है?
- नहीं। यह स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित है, इसलिए हर शहर में अलग होता है। यहाँ दिया गया समय नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए है।
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