नि:शुल्क खाता बनाएँ

अपनी कुंडली सहेजें, आगे के प्रश्न पूछें, और जहाँ छोड़ा था वहीं से जारी रखें।

कोई पासवर्ड नहीं। हम केवल आपके खाते के बारे में ईमेल करते हैं।

मंदिर

श्रीकालहस्ती राहु-केतु मंदिर

श्रीकालहस्ती, आंध्र प्रदेश: परंपरा में राहु, केतु और सर्प (नाग) दोष के लिए दर्शन किया जाता है।

लोग यहाँ क्यों जाते हैं

राहु-केतु (सर्प दोष) पूजा के लिए सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक, जैसा कि आंध्र प्रदेश पर्यटन विभाग बताता है।

देवता और स्थान

मुख्य देवता
भगवान शिव, श्री कालहस्तीश्वर रूप में
स्थान
श्रीकालहस्ती, आंध्र प्रदेश

परंपरा में होने वाली पूजा

  • राहु-केतु (सर्प दोष) पूजा - मंदिर स्वयं इस अनुष्ठान को सर्प दोष के लिए राहु-केतु पूजा कहता है।

संबंधित पूजा: राहु-शांति, केतु-शांति

परंपरागत दिन

राहु के अनुष्ठान परंपरा में शनिवार को किए जाते हैं।

अगले शुभ दिन

  • शनिवार, 7 नवंबर 2026
  • शनिवार, 14 नवंबर 2026
  • शनिवार, 21 नवंबर 2026

केतु के अनुष्ठान परंपरा में मंगलवार को किए जाते हैं।

अगले शुभ दिन

  • मंगलवार, 3 नवंबर 2026
  • मंगलवार, 10 नवंबर 2026
  • मंगलवार, 17 नवंबर 2026

भारत में अन्य विकल्प

अलग-अलग क्षेत्रों से चुने गए हैं ताकि आप अपनी पहुँच में कोई स्थान चुन सकें - कोई एक ही सही जगह नहीं है।

जाने से पहले

  • दर्शन का समय, पहनावे के नियम और कोई भी बुकिंग मंदिर तय करता है - जाने से पहले उसका आधिकारिक पेज देख लें।
  • फ़ोटोग्राफ़ी के नियम हर मंदिर में अलग होते हैं; अंदर लगे निर्देशों और कर्मचारियों की बात मानें।

आधिकारिक वेबसाइट

दर्शन का समय, पहनावे के नियम, बुकिंग और कोई भी शुल्क मंदिर तय करता है और ये बदलते रहते हैं - वर्तमान जानकारी उसकी आधिकारिक साइट पर है।

आधिकारिक साइट देखें ↗

आम सवाल

श्रीकालहस्ती किसके लिए जाना जाता है?
परंपरा में राहु, केतु और सर्प (नाग) दोष के लिए दर्शन किया जाता है।
श्रीकालहस्ती में कौन सी पूजा होती है?
स्रोत यहाँ ये अनुष्ठान बताते हैं: राहु-केतु (सर्प दोष) पूजा।
श्रीकालहस्ती जाने के लिए परंपरागत दिन कौन सा है?
राहु के अनुष्ठान परंपरा में शनिवार को किए जाते हैं।
श्रीकालहस्ती में दर्शन का समय क्या है?
समय मौसम और पर्वों के साथ बदलता है, इसलिए यह गाइड उसे नहीं बताती। जाने से पहले मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
भारत में और कहाँ जा सकते हैं?
अन्य विकल्प: तिरुनागेश्वरम (तमिलनाडु), नवग्रह मंदिर, उज्जैन (मध्य प्रदेश), नवग्रह मंदिर, गुवाहाटी (असम) और कीळपेरुम्पल्लम (तमिलनाडु)।

तथ्य 1 नवंबर 2026 को मंदिर ट्रस्ट, राज्य बंदोबस्ती विभाग और पर्यटन विभाग के पन्नों से जाँचे गए।

सभी मंदिर और तीर्थ →

आपकी कुंडली के लिए कौन सी पूजा, मुफ़्त

आपकी कुंडली के सक्रिय दोषों, फिर दशा स्वामी, फिर लग्नेश के अनुसार क्रम - हर एक के साथ कारण और स्रोत।

मेरी कुंडली के लिए क्रम देखें

Astroniq AI ज्योतिषी

अपनी कुंडली के बारे में पूछें, सरल शब्दों में

ऐसे पृष्ठ सामान्य नियम बताते हैं। आपकी कुंडली विशिष्ट है। Astroniq आपकी वास्तविक वैदिक कुंडली की गणना करता है - ग्रह स्थिति, दशाएँ, योग - और उसका AI ज्योतिषी चैट में आपके प्रश्नों के उत्तर देता है, एक परामर्श की तरह। पहली रीडिंग निःशुल्क, बिना साइनअप।

पूछ कर देखें: