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विंशोत्तरी दशा

सूर्य महादशा (Sun Mahadasha)

छह छोटे वर्ष — अधिकार, प्रतिष्ठा और पद के, नौ में सबसे छोटी और प्रायः सबसे उजागर करने वाली दशा।

यह काल क्या लाता है

सूर्य के छह वर्ष आपको सामने ले आते हैं। पद, मान्यता, शासन और अधिकारियों से व्यवहार, और यह प्रश्न कि आप उत्तरदायित्व उठा सकते हैं या नहीं — सब आगे आते हैं। इतनी छोटी कि यह प्रायः युग नहीं, एक अलग अध्याय जैसी लगती है।

कहाँ यह अनुकूल रहता है

कार्यक्षेत्र में उन्नति, सार्वजनिक भूमिकाएँ, संस्थाओं से व्यवहार, और वह काम जहाँ नामित उत्तरदायी होना ही मुख्य बात है।

कहाँ सावधानी माँगता है

बराबरी की साझेदारी, और वह सब जिसमें झुकना पड़े। अधिकार-संपन्न लोगों से अहं का टकराव — और स्वयं अधिकारी बन जाना — बार-बार का विषय रहता है।

नौ अंतर्दशाएँ

हर महादशा नौ उप-अवधियों (अंतर्दशा या भुक्ति) में बँटती है, उसी निश्चित क्रम में, और आरंभ स्वयं उसी स्वामी से होता है। हर अंतर्दशा सूर्य के 6 वर्ष गुणा उस उप-स्वामी का 120 में हिस्सा है — इसलिए नीचे की तालिका गणित है, मत नहीं। आपकी अपनी तिथियाँ जन्म के समय चंद्र नक्षत्र पर निर्भर हैं, जो कैलकुलेटर निकाल देता है।

सूर्य महादशा — नौ अंतर्दशाएँ
अंतर्दशाअवधि
सूर्य – सूर्य4 माह
सूर्य – चंद्र6 माह
सूर्य – मंगल4 माह
सूर्य – राहु11 माह
सूर्य – गुरु10 माह
सूर्य – शनि11 माह
सूर्य – बुध10 माह
सूर्य – केतु4 माह
सूर्य – शुक्र1 वर्ष

इसे ईमानदारी से कैसे पढ़ें

सूर्य मृदु पाप ग्रह है, फिर भी आत्मा का कारक है, इसलिए इसकी दशा भाग्य से अधिक पहचान की है: आप किसके लिए खड़े हैं, और संसार सहमत है या नहीं। सूर्य का भाव तय करता है कि प्रकाश कहाँ पड़ेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्य महादशा कितने वर्ष की होती है?
छह वर्ष — नौ विंशोत्तरी दशाओं में सबसे छोटी।
सूर्य महादशा में क्या होता है?
प्रतिष्ठा, अधिकार और पद तथा मान के विषय। यह सुविधा से पहले उत्तरदायित्व बढ़ाती है।