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मुहूर्त २०२७

नामकरण मुहूर्त २०२७

२०२७ में नामकरण संस्कार के लिए ३१ शुभ तिथियाँ - नक्षत्र, तिथि, वार, योग और करण के आधार पर छाँटी गईं। हर तिथि का पंचांग साथ में।

नामकरण के लिए तिथि कैसे चुनी जाती है

कोई तिथि इस सूची में तभी आती है जब वह एक साथ सभी दिन-स्तरीय नियमों पर खरी उतरे - नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपद, रेवती। तिथि: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा। वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) वर्जित। रिक्ता तिथियाँ, अमावस्या, भद्रा (विष्टि करण) और अशुभ योग सभी सूचियों से हटा दिए गए हैं। २०२७ के ३६५ उपलब्ध दिनों में से ३१ तिथियाँ इस छानबीन में बचती हैं।

मास के अनुसार तिथियाँ

जनवरी २०२७: १५, २०। फ़रवरी २०२७: ११, १९, २५। मार्च २०२७: ४, १०, ११। अप्रैल २०२७: २८। जून २०२७: ७, १४, २१। जुलाई २०२७: २१, २६। अगस्त २०२७: ६, ११। सितंबर २०२७: २, ३। अक्टूबर २०२७: १, ४, २०, २२, २७। नवंबर २०२७: १, ८, १२, १८, २४, २६। दिसंबर २०२७: ३, ९।

यह पृष्ठ क्या नहीं है

यहाँ दी गई तिथियाँ शुभ दिन हैं, पूर्ण मुहूर्त नहीं। मुहूर्त एक स्थान पर समय की एक खिड़की होती है - उसमें उस क्षण उदय होने वाला लग्न देखा जाता है, और कई बार संबंधित व्यक्ति की कुंडली भी। यह पृष्ठ वर्ष की हर तिथि पर दिन-स्तर के नियम (नक्षत्र, तिथि, वार, योग, करण तथा खरमास और चातुर्मास) लगाकर बताता है कि कौन-सी तिथियाँ बचती हैं और क्यों। वास्तविक समय निश्चित करने के लिए पंडित जी से परामर्श करें। पंचांग नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए गणना किया गया है और आपके स्थान के अनुसार बदलता है।

जनवरी २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
१५शुक्रवारसप्तमी (शुक्ल)रेवती07:15
२०बुधवारत्रयोदशी (शुक्ल)मृगशिरा07:14

फ़रवरी २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
११गुरुवारपंचमी (शुक्ल)रेवती07:03
१९शुक्रवारत्रयोदशी (शुक्ल)पुष्य06:56
२५गुरुवारपंचमी (कृष्ण)चित्रा06:50

मार्च २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
गुरुवारएकादशी (कृष्ण)उत्तराषाढ़ा06:43
१०बुधवारद्वितीया (शुक्ल)उत्तर भाद्रपद06:37
११गुरुवारतृतीया (शुक्ल)रेवती06:36

अप्रैल २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
२८बुधवारसप्तमी (कृष्ण)उत्तराषाढ़ा05:43

जून २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
सोमवारतृतीया (शुक्ल)पुनर्वसु05:22
१४सोमवारएकादशी (शुक्ल)चित्रा05:22
२१सोमवारद्वितीया (कृष्ण)उत्तराषाढ़ा05:23

जुलाई २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
२१बुधवारतृतीया (कृष्ण)धनिष्ठा05:36
२६सोमवारसप्तमी (कृष्ण)अश्विनी05:39

अगस्त २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
शुक्रवारपंचमी (शुक्ल)उत्तरा फाल्गुनी05:45
११बुधवारदशमी (शुक्ल)अनुराधा05:48

सितंबर २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
गुरुवारद्वितीया (शुक्ल)उत्तरा फाल्गुनी05:59
शुक्रवारतृतीया (शुक्ल)हस्त06:00

अक्टूबर २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
शुक्रवारद्वितीया (शुक्ल)चित्रा06:13
सोमवारपंचमी (शुक्ल)अनुराधा06:15
२०बुधवारपंचमी (कृष्ण)मृगशिरा06:24
२२शुक्रवारसप्तमी (कृष्ण)पुनर्वसु06:26
२७बुधवारत्रयोदशी (कृष्ण)उत्तरा फाल्गुनी06:29

नवंबर २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
सोमवारतृतीया (शुक्ल)अनुराधा06:32
सोमवारदशमी (शुक्ल)शतभिषा06:37
१२शुक्रवारत्रयोदशी (शुक्ल)रेवती06:41
१८गुरुवारपंचमी (कृष्ण)पुनर्वसु06:45
२४बुधवारएकादशी (कृष्ण)हस्त06:50
२६शुक्रवारत्रयोदशी (कृष्ण)स्वाति06:52

दिसंबर २०२७

तिथिवारतिथिनक्षत्रसूर्योदयपूरा पंचांग
शुक्रवारपंचमी (शुक्ल)श्रवण06:57
गुरुवारएकादशी (शुक्ल)रेवती07:01

इस दिन को अपनी कुंडली से पढ़ें, मुफ़्त

इस पृष्ठ के समय सबके लिए एक जैसे हैं। एक बार अपना जन्म विवरण दें और यही दिन अपनी कुंडली के अनुसार पढ़ें - कोई साइन-अप नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

२०२७ में नामकरण के लिए कितनी शुभ तिथियाँ हैं?
३१ तिथियाँ दिन-स्तरीय नियमों पर खरी उतरती हैं। पहली १५ जनवरी २०२७ और अंतिम ९ दिसंबर २०२७ है।
क्या इस सूची से सीधे तिथि तय की जा सकती है?
नहीं। मुहूर्त दिन नहीं, समय की खिड़की होता है - चुने गए समय पर उदय होने वाला लग्न मायने रखता है, और कई संस्कारों में संबंधित व्यक्ति की कुंडली भी। यह सूची वर्ष को उन दिनों तक सीमित कर देती है जो पात्र हैं, और उसके बाद पंडित जी समय निश्चित करते हैं।
कहीं और देखी गई तिथि इस सूची में क्यों नहीं है?
प्रायः इसलिए कि नियम अलग हैं। कुछ पंचांग ऐसे वार या नक्षत्र स्वीकार करते हैं जिन्हें हम छोड़ते हैं, कुछ क्षेत्रीय नियम लगाते हैं, और कुछ ऐसी तिथि भी देते हैं जिस दिन उपयुक्त नक्षत्र केवल कुछ घंटे रहता है। हमने कौन-से नियम लगाए हैं यह ऊपर स्पष्ट लिखा है।
क्या ये तिथियाँ मेरे शहर के लिए भी सही हैं?
यहाँ का पंचांग नई दिल्ली, भारत (IST) के लिए गणना किया गया है। तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, सूर्यास्त और अंग बदलने का सटीक समय देशांतर के साथ बदलता है - इसलिए किसी सीमावर्ती तिथि पर निर्णय से पहले अपने शहर के लिए पंचांग देख लें।

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ऐसे पृष्ठ सामान्य नियम बताते हैं। आपकी कुंडली विशिष्ट है। Astroniq आपकी वास्तविक वैदिक कुंडली की गणना करता है - ग्रह स्थिति, दशाएँ, योग - और उसका AI ज्योतिषी चैट में आपके प्रश्नों के उत्तर देता है, एक परामर्श की तरह। पहली रीडिंग निःशुल्क, बिना साइनअप।

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