नि:शुल्क खाता बनाएँ

अपनी कुंडली सहेजें, आगे के प्रश्न पूछें, और जहाँ छोड़ा था वहीं से जारी रखें।

कोई पासवर्ड नहीं। हम केवल आपके खाते के बारे में ईमेल करते हैं।

तीर्थ

बिंदु सरोवर सिद्धपुर मातृ श्राद्ध

बिंदु सरोवर, सिद्धपुर, गुजरात: परंपरा में पितृ दोष के लिए दर्शन किया जाता है।

लोग यहाँ क्यों जाते हैं

सिद्धपुर को मातृ गया कहा जाता है। गुजरात पर्यटन इस परंपरा को दर्ज करता है कि पिता के लिए श्राद्ध गया में और माता के लिए सिद्धपुर में किया जाता है, जहाँ परशुराम ने बिंदु सरोवर पर मातृ श्राद्ध किया था।

देवता और स्थान

मुख्य देवता
कपिलमुनि आश्रम का पवित्र सरोवर
स्थान
सिद्धपुर, गुजरात

परंपरा में होने वाली पूजा

  • मातृ श्राद्ध - माता के लिए श्राद्ध, जिसके लिए सिद्धपुर प्रसिद्ध है।

संबंधित पूजा: पितृ-पक्ष श्राद्ध

परंपरागत दिन

पितृ दोष के अनुष्ठान परंपरा में अमावस्या को किए जाते हैं।

अगले शुभ दिन

  • सोमवार, 9 नवंबर 2026
  • मंगलवार, 8 दिसंबर 2026
  • गुरुवार, 7 जनवरी 2027

नई दिल्ली के पंचांग से; भारत के दूसरे हिस्सों में दिन एक आगे-पीछे हो सकता है।

भारत में अन्य विकल्प

अलग-अलग क्षेत्रों से चुने गए हैं ताकि आप अपनी पहुँच में कोई स्थान चुन सकें - कोई एक ही सही जगह नहीं है।

जाने से पहले

  • दर्शन का समय, पहनावे के नियम और कोई भी बुकिंग मंदिर तय करता है - जाने से पहले उसका आधिकारिक पेज देख लें।
  • फ़ोटोग्राफ़ी के नियम हर मंदिर में अलग होते हैं; अंदर लगे निर्देशों और कर्मचारियों की बात मानें।

आधिकारिक वेबसाइट

दर्शन का समय, पहनावे के नियम, बुकिंग और कोई भी शुल्क मंदिर तय करता है और ये बदलते रहते हैं - वर्तमान जानकारी उसकी आधिकारिक साइट पर है।

आधिकारिक साइट देखें ↗

आम सवाल

बिंदु सरोवर, सिद्धपुर किसके लिए जाना जाता है?
परंपरा में पितृ दोष के लिए दर्शन किया जाता है।
बिंदु सरोवर, सिद्धपुर में कौन सी पूजा होती है?
स्रोत यहाँ ये अनुष्ठान बताते हैं: मातृ श्राद्ध।
बिंदु सरोवर, सिद्धपुर जाने के लिए परंपरागत दिन कौन सा है?
पितृ दोष के अनुष्ठान परंपरा में अमावस्या को किए जाते हैं।
बिंदु सरोवर, सिद्धपुर में दर्शन का समय क्या है?
समय मौसम और पर्वों के साथ बदलता है, इसलिए यह गाइड उसे नहीं बताती। जाने से पहले मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
भारत में और कहाँ जा सकते हैं?
अन्य विकल्प: ब्रह्म कपाल, बद्रीनाथ (उत्तराखंड), त्र्यंबकेश्वर (महाराष्ट्र) और गया (बिहार)।

तथ्य 1 नवंबर 2026 को मंदिर ट्रस्ट, राज्य बंदोबस्ती विभाग और पर्यटन विभाग के पन्नों से जाँचे गए।

सभी मंदिर और तीर्थ →

आपकी कुंडली के लिए कौन सी पूजा, मुफ़्त

आपकी कुंडली के सक्रिय दोषों, फिर दशा स्वामी, फिर लग्नेश के अनुसार क्रम - हर एक के साथ कारण और स्रोत।

मेरी कुंडली के लिए क्रम देखें

Astroniq AI ज्योतिषी

अपनी कुंडली के बारे में पूछें, सरल शब्दों में

ऐसे पृष्ठ सामान्य नियम बताते हैं। आपकी कुंडली विशिष्ट है। Astroniq आपकी वास्तविक वैदिक कुंडली की गणना करता है - ग्रह स्थिति, दशाएँ, योग - और उसका AI ज्योतिषी चैट में आपके प्रश्नों के उत्तर देता है, एक परामर्श की तरह। पहली रीडिंग निःशुल्क, बिना साइनअप।

पूछ कर देखें: